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हरिद्वार

देश की पहली पॉड टैक्सी रूट का हरिद्वार में विरोध, जमकर हंगामा, बैठक का हुआ बहिष्कार

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उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने पॉड कार टैक्सी योजना की जानकारी देने बुलाई थी बैठक

हरिद्वार। उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों द्वारा शहर में पॉड कार टैक्सी के संचालन को लेकर बुलाई गई व्यापारियों, श्रीगंगा सभा पदाधिकारियों व संतों की बैठक बेनतीजा रही। बैठक में व्यापारियों और श्री गंगा सभा पदाधिकारियों ने पॉड कार टैक्सी रूट का कड़ा विरोध किया और योजना को लेकर कई सवाल खड़े किए। व्यापारियों ने रूट ना बदले जाने पर आंदोलन की चेतावनी देते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया।
बुधवार को उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के निदेशक प्रोजेक्ट एवं प्लानिंग ब्रजेश कुमार मिश्रा ने पॉड कार टैक्सी के संचालन के प्रोजेक्ट की जानकारी देने के लिए सीसीआर टावर में बैठक का आयोजन किया था। बैठक में  श्रीगंगा सभा, व्यापारियों और संतों को आमंत्रित किया गया था। बैठक में श्रीगंगा सभा और व्यापार मंडलों ने पॉड कार टैक्सी रूट का विरोध करते हुए आपत्ति जताई। श्री गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ ने अधिकारियों को हरिद्वार की भौगोलिक स्थिति, मेलों के आयोजन, ट्रैफिक के साथ पीआरटी रूट की तकनीक खामियों से अवगते हुए कहा कि बाजार में पॉड कार  का संचालन होने से व्यापारियों को तो नुकसान होगा ही। साथ ही कुंभ मेले के दौरान  बाजारों से होकर हरकी पैड़ी जाने वाली अखाड़ों की पेशवाई और अन्य शोभायात्राएं भी प्रभावित होंगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी पहले अस्थाई रूप से पिलर लगा कर देख लें। ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।
बैठक में व्यापारी नेता सुरेश गुलाटी, राजीव पराशर, अमन शर्मा, संजय त्रिवाल, सुनील सेठी आदि ने पॉड कार टैक्सी रूट का विरोध करते हुए कहा कि योजना की डीपीआर तैयार करने से पहले धार्मिक संस्थाओं, अखाड़ों, व्यापार मंडलों से विचार विमर्श नही किया गया। भूमिगत बिजली, पेयजल लाईन और अन्य कार्यों की भी अनदेखी की गई। व्यापारी नेताओं ने कहा कि व्यापारी योजना का नहीं रूट का विरोध कर रहे हैं। व्यापारी नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित रूट को बदला जाए और संशोधित डीपीआर तैयार की जाए।
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष डा.नीरज सिंघल व जिला महामंत्री संजय त्रिवाल ने कहा कि बाजारों से होकर पॉड कार संचालित किए जाने से व्यापारियों को भारी नुकसान होगा। इससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा। परियोजना का संचालन घनी आबादी के बजाए गंगा किनारे संचालित की जाए। उन्होंने उत्तराखंड मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपा। बैठक में लघु व्यापारी नेता संजय चोपड़ा, प्रदीप कालरा, तेजप्रकाश साहू और अन्य व्यापारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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