Report by : CWN Desk
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रामनवमी और दुर्गाष्टमी 2026 तिथि भ्रम दूर: जानें कब है कन्या पूजन और व्रत

चैत्र नवरात्रि 2026 में अष्टमी, नवमी और रामनवमी की तिथियों को लेकर संशय? नैनीताल के विद्वानों और ज्योतिषियों से जानें उदयातिथि के अनुसार सही शुभ मुहूर्त।

हल्द्वानी। सरोवर नगरी नैनीताल सहित पूरे कुमाऊं मंडल में चैत्र नवरात्रि की भारी धूम है। मां नंदा-सुनंदा की इस पावन धरती पर अष्टमी और नवमी के पर्व का विशेष महत्व होता है। हालांकि, इस बार तिथियों के गणित ने श्रद्धालुओं को थोड़ा उलझा दिया है। लोग इस बात को लेकर संशय में हैं कि घरों में ‘अठवाड़’ (अष्टमी पूजन) कब होगा और रामनवमी का महापर्व किस दिन मनाया जाएगा।
विद्वानों के अनुसार, इस वर्ष दुर्गाष्टमी गुरुवार, 26 मार्च को मनाई जाएगी। ज्योतिषी अशोक वार्ष्णेय ने बताया कि अष्टमी तिथि 25 मार्च को दोपहर 1:51 बजे शुरू होकर 26 मार्च सुबह 11:40 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के सिद्धांत के अनुसार, 26 मार्च को ही अष्टमी का व्रत और पूजन करना श्रेष्ठ है। इसी दिन सुबह 10:56 से दोपहर 02:01 बजे तक कन्या पूजन का भी शुभ मुहूर्त है।
रामनवमी के महापर्व को लेकर ज्योतिषियों ने स्पष्ट किया है कि यह पर्व मध्याह्न व्यापिनी नवमी में मान्य होता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. मंजू जोशी के अनुसार, 26 मार्च को ही दोपहर में नवमी तिथि व्याप्त होने के कारण राम जन्मोत्सव इसी दिन मनाया जाना शास्त्र सम्मत है। हालांकि, वैष्णव संप्रदाय की परंपरा के अनुसार, कई श्रद्धालु 27 मार्च को भी यह पर्व मनाएंगे।
श्री बुद्धि बल्लभ पंचांग के संपादक आचार्य पवन पाठक ने सलाह दी है कि प्रत्येक पर्व केवल तिथि से नहीं, बल्कि परंपरा से भी जुड़ा होता है। सामान्य गृहस्थजन 26 मार्च को रामनवमी व्रत करेंगे, जबकि वैष्णव सम्प्रदाय के लोग 27 मार्च को पर्व मनाएंगे। भक्तों को किसी भ्रम में पड़ने की आवश्यकता नहीं है; अपनी कुल परंपरा और शास्त्रीय कर्मकाल के अनुसार पर्व-पालन करना ही कल्याणकारी है।

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