हल्द्वानी
कैंची धाम मेले के लिए रूट प्लान तैयार, काठगोदाम से चलेगी शटल सेवा, जानें नियम
कैंची धाम मेले को लेकर हल्द्वानी में पुलिस-प्रशासन की बड़ी बैठक। 14 और 15 जून को काठगोदाम, नैनीताल और भवाली से श्रद्धालुओं के लिए चलेगी विशेष शटल सेवा।
हल्द्वानी। विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करौली महाराज के पावन धाम कैंची धाम के आगामी वार्षिक मेले और भव्य भंडारे को लेकर पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। मेले के सफल, सुरक्षित व शांतिपूर्ण आयोजन और यातायात (ट्रैफिक) प्रबंधन को लेकर मंगलवार को हल्द्वानी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिकारियों ने फैसला लिया है कि मेले के दौरान काठगोदाम से आगे निजी वाहनों को जाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से मंदिर तक पहुंचाने के लिए विशेष शटल सेवा का संचालन किया जाएगा।
हल्द्वानी के बहुद्देशीय भवन में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता एसपी सिटी मनोज कत्याल और सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने की। बैठक के दौरान आगामी 14 जून और 15 जून को आयोजित होने वाले मुख्य मेला पर्व के लिए कई अहम प्रस्तावों पर गंभीर चर्चा हुई। अधिकारियों ने मेला अवधि के दौरान यातायात-पार्किंग व्यवस्था को सबसे बड़ी चुनौती माना। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाएं, निर्बाध पेयजल, स्वच्छता और बिजली आपूर्ति को चौबीसों घंटे दुरुस्त रखने के कड़े निर्देश संबंधित विभागों को जारी किए गए हैं।
एसपी सिटी मनोज कत्याल ने ट्रैफिक प्लान की जानकारी देते हुए बताया कि कैंची धाम जाने वाले बाहरी वाहनों के लिए काठगोदाम में ही पार्किंग स्थलों को चिह्नित किया जा रहा है। सभी श्रद्धालुओं के वाहनों को काठगोदाम में पार्क कराने के बाद उन्हें शटल बसों के जरिए आगे भेजा जाएगा। राहत की बात यह है कि केवल काठगोदाम ही नहीं, बल्कि नैनीताल, भीमताल और भवाली से भी श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त संख्या में शटल सेवाएं संचालित की जाएंगी ताकि कहीं भी जाम की स्थिति पैदा न हो।
भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए सिटी मजिस्ट्रेट एपी वाजपेई ने कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर पूरे मेला क्षेत्र और रूट पर भारी पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह मार्गदर्शन एवं सूचना सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा जेबकतरों और अराजक तत्वों पर नजर रखने के लिए पूरे संवेदनशील रास्तों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में हाई-रिजॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
