देहरादून
ऋषिकेश गंगा हादसा: राफ्टिंग के बाद नहाते समय डूबा अंबाला यूनिवर्सिटी का छात्र, तलाश जारी
हरियाणा के अंबाला से ऋषिकेश आए दोस्तों में से एक छात्र मस्तराम घाट पर गंगा में नहाते समय डूब गया। मृतक कुणाल वर्मा चंडीगढ़ का निवासी और महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी का छात्र था। SDRF और जल पुलिस की टीमें गहरे पानी में तलाश में जुटी हैं।
ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ हरियाणा के अंबाला से आए दोस्तों के समूह में शामिल एक छात्र गंगा नदी में डूब गया। यह हादसा तब हुआ जब महर्षि मार्कंडेश्वर यूनिवर्सिटी (MMU) का यह छात्र दिन में राफ्टिंग करने के बाद लक्ष्मणझूला क्षेत्र के मस्तराम घाट पर नहाने गया था। युवक गहरे पानी के तेज प्रवाह की चपेट में आ गया और देखते ही देखते गंगा में समा गया।
बुधवार 5 नवंबर की शाम लक्ष्मणझूला पुलिस को इस घटना की सूचना मिली, जिसके बाद तत्काल पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और जल स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुँचीं। डूबने वाले छात्र की पहचान कुणाल वर्मा (चंडीगढ़ निवासी) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कुणाल अपने दोस्तों के साथ घूमने और राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश आया था। तेज बहाव के कारण टीमों को युवक को ढूंढने में काफी मुश्किलें आईं।
बचाव अभियान तुरंत शुरू किया गया, लेकिन गंगा का प्रवाह रातभर इतना तेज था कि डूबे हुए छात्र का कोई सुराग नहीं मिल सका। रातभर की खोज के बाद, आज सुबह भी डीप डाइविंग और जल पुलिस के साथ युवक की तलाश जारी है। एसडीआरएफ गोताखोर लगातार गहरे पानी में खोज कर रहे हैं, लेकिन अभी तक रेस्क्यू टीम को कुणाल वर्मा का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने उसके दोस्तों से पूरी जानकारी ली है और परिवार को सूचित किया गया है।
पुलिस और SDRF की टीमें लगातार गंगा के बहाव क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही हैं। इस तरह के हादसे अक्सर पर्यटकों की लापरवाही और गहरे पानी के प्रति अनभिज्ञता के कारण होते हैं। प्रशासन को नदी के खतरनाक घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और सुरक्षाकर्मियों की तैनाती बढ़ाने की आवश्यकता है। यह घटना पर्यटकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि उन्हें गंगा में नहाते समय अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि नदी का बहाव और गहराई कभी भी खतरनाक हो सकती है।
