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हल्द्वानी में ‘तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा’, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता पर सेना को नमन

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देहरादून। हल्द्वानी में शनिवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद सैनिकों के सम्मान में एक भव्य ‘तिरंगा शौर्य सम्मान यात्रा’ निकाली गई। इस आयोजन का नेतृत्व मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। यात्रा मिनी स्टेडियम से आरंभ होकर नैनीताल रोड स्थित शहीद पार्क तक 2.5 किलोमीटर तक निकाली गई। इस दौरान पूरा मार्ग तिरंगे से सज गया और देशभक्ति के रंग में डूबा नजर आया।

मुख्यमंत्री धामी ने यात्रा के समापन पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अब पहले जैसा नहीं रहा। आज देश की बागडोर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे दृढ़ और साहसी नेता के हाथों में है। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने जब पहलगाम में भारतीय बहनों के सिंदूर मिटाए, तब भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के ज़रिए उस हर ज़ुल्म का बदला लिया। इस ऑपरेशन ने पाकिस्तान को घुटनों के बल ला दिया।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं एक सैनिक पुत्र हैं और उन्हें भारतीय सेना पर गर्व है। पुलवामा से लेकर उरी तक हर आतंकी हमले का सशक्त जवाब भारतीय सेना ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दिया। अब भारत एक बदला हुआ, सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र है, जो आतंक का जवाब उसी की भाषा में देना जानता है। पाकिस्तान को सीजफायर की भीख मांगनी पड़ी, जो बदलते भारत की ताकत का प्रतीक है।

पूर्व रक्षा राज्य मंत्री और सांसद अजय भट्ट ने भी मंच से कहा कि भारतीय बेटियों ने आतंकियों को करारा जवाब दिया है। पाकिस्तान नहीं जानता था कि भारतीय बेटियों का सिंदूर मिटाने का अंजाम क्या होगा। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए सौ से ज्यादा आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा गया। इस अद्वितीय पराक्रम से देश ही नहीं, पूरी दुनिया भारतीय सेना की मुरीद हो गई है।

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इस यात्रा में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, विभिन्न विधायक, मेयर, दायित्वधारी व जिला समिति के पदाधिकारी भी शामिल रहे। खास बात यह रही कि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री खुद सैनिकों के साथ पैदल चले और बच्चों के बीच जाकर उन्हें देशभक्ति के लिए प्रोत्साहित किया।

पूर्व सैनिकों से हाथ मिलाने के लिए उन्होंने सुरक्षा घेरा तक तोड़ दिया और कहा, “आप पर देश को गर्व है।” मुख्यमंत्री समेत सभी प्रतिभागियों ने पूरे जोश व उत्साह के साथ इस यात्रा में भाग लिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग ने बैंड की धुन और देशभक्ति गीतों पर झूमकर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

इस आयोजन ने न केवल सैनिकों को सम्मानित किया, बल्कि जनता को यह संदेश भी दिया कि अब भारत आतंक के खिलाफ एकजुट है और किसी भी चुनौती का डटकर सामना करने में सक्षम है।

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