अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
पॉलीहाउस योजना में घोटाला! उपपा ने मांगा उद्यान मंत्री का इस्तीफा, श्वेतपत्र की मांग
उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी ने पॉलीहाउस योजना में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। पी.सी. तिवारी ने की उच्चस्तरीय जांच और उद्यान मंत्री के इस्तीफे की मांग।
अल्मोड़ा: उत्तराखण्ड परिवर्तन पार्टी (उपपा) ने प्रदेश की पॉलीहाउस योजना (Polyhouse Scheme) को लेकर राज्य सरकार और उद्यान विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी ने इसे “सरकारी संरक्षण में किया गया घोटाला” करार देते हुए सरकार से तत्काल श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उद्यान मंत्री के इस्तीफे और दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग उठाई है।
पी.सी. तिवारी ने आरोप लगाया कि 2023 में 22 हजार पॉलीहाउस लगाने का लक्ष्य रखा गया था, जिसके लिए किसानों से सब्सिडी के नाम पर 20 से 40 हजार रुपये तक जमा कराए गए। लेकिन अकेले अल्मोड़ा जिले के 230 से अधिक किसान आज भी अपने पैसे जमा करने के बाद पॉलीहाउस का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नाबार्ड की RIDF योजना के तहत 551.05 करोड़ रुपये स्वीकृत होने के बावजूद विभाग लक्ष्य हासिल करने में विफल रहा, जो बड़े वित्तीय भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।
पार्टी अध्यक्ष ने कंपनियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन कंपनियों को काम सौंपा गया था, वे पैसे लेकर गायब हो गईं। किसानों का आरोप है कि पॉलीहाउस के लिए दी जा रही सामग्री घटिया स्तर की है और उसकी कीमत बाजार भाव से दोगुनी वसूली जा रही है। लमगड़ा विकास खंड जैसे क्षेत्रों में तो पहले 10 हजार रुपये मांगे गए और बाद में इस राशि को मनमाने ढंग से दोगुना कर दिया गया, जिससे किसानों में गहरा आक्रोश है।
उपपा ने सरकार के सामने पाँच प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें प्रकरण पर श्वेतपत्र जारी करना, जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई, किसानों की राशि ब्याज सहित लौटाना और भविष्य में गुणवत्ता सुनिश्चित होने के बाद ही अंशदान लेना शामिल है। तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो पार्टी किसानों को न्याय दिलाने के लिए सड़कों पर उतरने के साथ-साथ न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।
