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देहरादून

उत्तराखंड में कमर्शियल गैस की किल्लत: होटल-रेस्टोरेंट पर ताला लगने की नौबत, सप्लाई पर लगी रोक

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उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति रुकी। युद्ध के चलते सप्लाई प्रभावित, सरकार ने लागू किया एसेंशियल कमोडिटी एक्ट। जानें होटल-रेस्टोरेंट पर क्या होगा असर।

देहरादून: उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। पूर्ति विभाग के एडिशनल कमिश्नर पीएस पांगती ने पुष्टि की है कि मुख्य स्रोत से पर्याप्त सप्लाई न मिलने के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की स्थिति के कारण गैस उत्पादन और वितरण बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जिसका सीधा असर अब प्रदेश की रसोई और पर्यटन उद्योग पर दिखने लगा है।
विभाग के अनुसार, वर्तमान स्टॉक का उपयोग केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसी अनिवार्य सेवाओं के लिए किया जा रहा है। गैस की कमी की खबर फैलते ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में पैनिक बुकिंग शुरू हो गई है। होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों के बीच चिंता का माहौल है, क्योंकि स्टॉक खत्म होने पर उनके पास कारोबार बंद करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। देहरादून रेस्टोरेंट एसोसिएशन के मुताबिक, फिलहाल इंडक्शन जैसे विकल्पों से काम चलाया जा रहा है।
हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। इस कानून के तहत सरकार को आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और कीमतों को नियंत्रित करने का अधिकार मिलता है। गैस वितरण को चार श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें घरेलू रसोई गैस (PNG) और CNG को प्राथमिकता पर रखा गया है, जबकि उद्योगों और होटलों के लिए कोटा सीमित कर दिया गया है।
गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए अब घरेलू सिलेंडर की बुकिंग में भी बदलाव किया गया है। अब एक डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक किया जा सकेगा। साथ ही, डिलीवरी के समय OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार ने ऑयल रिफाइनरी कंपनियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

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