उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में 2:42 पर भूकंप के तेज़ झटके! थराली और बागेश्वर सीमा पर दहशत, घरों से बाहर निकले लोग
दोपहर 2:42 बजे उत्तराखंड के थराली और बागेश्वर सीमांत क्षेत्रों में भूकंप का तेज़ झटका महसूस किया गया। केंद्र बागेश्वर में, ग्वालदम में अधिक तीव्रता। घरों से भागे लोग।
देहरादून। उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में रविवार दोपहर बाद 2 बजकर 42 मिनट पर भूकंप का एक तेज़ झटका महसूस किया गया। यह झटका इतना अचानक था कि लोगों में तुरंत दहशत फैल गई और वे अपने घरों तथा दफ्तरों से बाहर खुले स्थानों की ओर भाग गए। भूकंप का असर मुख्य रूप से थराली सहित बागेश्वर की सीमा से लगे हुए क्षेत्रों में अधिक महसूस किया गया। हालांकि, यह झटका बहुत कम समय के लिए था, लेकिन इसकी तीव्रता ने लोगों को डरा दिया।
बागेश्वर था भूकंप का केंद्र
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, नंदकिशोर जोशी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि भूकंप का केंद्र बागेश्वर जिले में था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्वालदम क्षेत्र में भूकंप का झटका अन्य स्थानों की तुलना में अधिक तीव्रता से महसूस किया गया। भूकंप का केंद्र बागेश्वर में होने के कारण सीमांत जिलों, विशेषकर चमोली के थराली क्षेत्र, में इसका व्यापक प्रभाव दिखा। सौभाग्य से, इस संक्षिप्त झटके के कारण अभी तक किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
क्यों आता है उत्तराखंड में बार-बार भूकंप?
उत्तराखंड और पूरा हिमालयी क्षेत्र भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील ‘ज़ोन 4’ और ‘ज़ोन 5’ में आता है। यह क्षेत्र इंडियन और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के आपस में टकराने के कारण बना है, जो लगातार एक-दूसरे पर दबाव बना रही हैं। इस दबाव के कारण ऊर्जा का संचय होता रहता है, जो समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर निकलती है। इसी भूगर्भीय अस्थिरता के कारण उत्तराखंड में बार-बार भूकंप के झटके महसूस होते हैं, जिससे स्थानीय लोगों को हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता होती है।
बचाव और सुरक्षा के उपाय
भूकंप के झटके महसूस होने पर घबराएं नहीं, बल्कि शांत रहते हुए त्वरित कार्रवाई करें। सबसे पहले ‘झुको, ढंको और पकड़ो’ (Drop, Cover, and Hold On) के सिद्धांत का पालन करें। यदि आप घर के अंदर हैं, तो किसी मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे छिप जाएं। यदि बाहर हैं, तो इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहें। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी निवासियों से अपील की है कि वे किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
