Report by : CWN Desk
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अंधविश्वास: तंत्र विद्या सीखने शिष्य ने गुरु की बलि चढ़ाई

पहले सिर फोड़कर खून पीया, फिर जिंदा जला दिया

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के धमतरी में करेली बड़ी चौकी क्षेत्र में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है। दिव्य शक्तियों की अंधविश्वास में शिष्य ने अपने ही गुरु की बलि चढ़ा दी। शिष्य में पहले गुरू का सिर फोड़ा और फिर खून पीया। गुरु को जिंदा जला डाला। पुलिस ने शिष्य को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस को पैरी सोंढुर नदी के एनीकट किनारे श्मशान घाट के पास से अधजली लाश मिली थी। लाश की शिनाख्त गोबरा नयापारा के सोमवारी बाजार निवासी बसंत साहू के रूप में हुई। था।

अंधविश्वास: तंत्र विद्या सीखने शिष्य ने गुरु की बलि चढ़ाई
अंधविश्वास: तंत्र विद्या सीखने शिष्य ने गुरु की बलि चढ़ाई

बसंत साहू के बेटे देवेंद्र ने बताया कि उसके पिता 31 जनवरी को किसानपारा नयापारा निवासी मान्या चावला के साथ बाइक से इलाज कराने की बात कहकर गए थे। इसके बाद नहीं लौटे। बसंत साहू को अंतिम बार मान्या के साथ उसकी बाइक पर लोमश ऋषि आश्रम की तरफ जाते हुए देखा गया था।
शक के आधार पर पुलिस ने आरोपी मान्या चावला उर्फ रौनक सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। मान्या ने पुलिस को बताया कि बसंत साहू झाड़-फूंक करना जानता था। मान्या उससे तंत्र-मंत्र सीख रहा था। दोंनो 31 जनवरी को रात करीब 12 बजे श्मशान घाट पर तंत्र साधना करने गए थे। मान्या की बातें सुनकर पुलिस के होश उड़ गए। मान्या ने बताया कि उसे किसी साधु से पता चला था कि तंत्र साधना करते हुए किसी जीवित व्यक्ति का खून पीया जाए तो शक्तियां प्राप्त हो जाती हैं। तंत्र सीखने के लिए ही उसने बसंत साहू के सिर पर पहले डंडे से वार किया। फिर उसके खून को काले रंग के मिट्टी के बर्तन में भरकर पीया। इसके बाद जिंदा जला दिया।

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