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हल्द्वानी

सुशीला तिवारी अस्पताल की लापरवाही: कटी मासूम की भोजन नली, बरेली में जिंदगी की जंग

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रामनगर की 8 वर्षीय रुद्राक्षी की सुशीला तिवारी अस्पताल में ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों की लापरवाही से भोजन नली कट गई। बरेली में दूसरा ऑपरेशन आज, हालत गंभीर।

हल्द्वानी। उत्तराखंड के सरकारी स्वास्थ्य सिस्टम की एक बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली लापरवाही सामने आई है। रामनगर की एक आठ साल की मासूम बच्ची डॉक्टरों की घोर लापरवाही के कारण आज बरेली के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल में डॉक्टरों ने सिक्का निकालने के चक्कर में बच्ची की भोजन की नली ही काट दी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे आनन-फानन में बरेली के राममूर्ति अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां आज उसका दूसरा बड़ा ऑपरेशन होना है।
मूल रूप से रामनगर की रहने वाली आठ वर्षीय रुद्राक्षी पांडे ने गलती से पांच रुपये का सिक्का निगल लिया था। सिक्का उसके गले में अटक गया था, जिसे सुरक्षित बाहर निकालने के लिए परिजन उसे सुशीला तिवारी अस्पताल लेकर आए थे। डॉक्टरों ने बच्ची को भर्ती कर उसके भोजन नली का ऑपरेशन करने का फैसला लिया। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टरों ने बेहद लापरवाही दिखाई और सिक्का निकालने के प्रयास में बच्ची की भोजन नली को ही काट दिया। इससे बच्ची की हालत बेहद नाजुक हो गई और उसकी जान पर बन आई।
गंभीर हालत में परिजन रुद्राक्षी को तत्काल बरेली के राममूर्ति मेमोज़ियल अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची का पहला ऑपरेशन सफलतापूर्वक कर दिया है। भोजन नली कटी होने के कारण मासूम रुद्राक्षी पिछले कई दिनों से पूरी तरह भूखी है। अस्पताल में जब सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बच्ची का हालचाल जाना, तो मासूम की बातें सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। रुद्राक्षी ने बेहद दर्द भरे लहजे में कहा, “अंकल, मुझे बहुत भूख लगी है, प्लीज मुझे थोड़ा सा खाना खिला दो।”
इस बीच, बच्ची के परिवार की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए क्षेत्र के युवाओं और सामाजिक संगठनों ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं। सोशल मीडिया ग्रुप ‘उम्मीद की किरण’ के सदस्यों ने तुरंत बरेली अस्पताल पहुंचकर बच्ची की माता जी को 20,000 रुपये की नकद आर्थिक सहायता सौंपी। ग्रुप ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि बच्ची के इलाज में रुपयों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उत्तराखंड के इस चर्चित मामले पर [आंतरिक लिंक: सुशीला तिवारी अस्पताल में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, मरीज परेशान] जैसी घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, जिससे अब स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं।
फिलहाल, पूरा उत्तराखंड मासूम रुद्राक्षी के सकुशल स्वस्थ होने के लिए ईश्वर से प्रार्थना कर रहा है। आज होने वाले दूसरे ऑपरेशन पर डॉक्टरों की विशेष टीम नजर बनाए हुए है। वहीं, परिजनों ने सुशीला तिवारी अस्पताल के दोषी डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुमाऊं के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में इस तरह की जानलेवा लापरवाही के खिलाफ राज्य सरकार को तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।

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