हल्द्वानी
हल्द्वानी में भागवत कथा के चौथे दिन गूंजा कृष्ण जन्मोत्सव, झूमे श्रद्धालु
हल्द्वानी के तल्ली बमोरी में 16वें श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन कृष्ण जन्म और भक्त प्रह्लाद की कथा का हुआ जीवंत वर्णन। भक्तिरस में डूबे भक्त।
हल्द्वानी। तल्ली बमोरी क्षेत्र में आयोजित 16वें श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन पंडाल पूरी तरह भक्ति के रंग में सराबोर हो गया। सुप्रसिद्ध कथा व्यास बसंत त्रिपाठी शास्त्री जी ने अपनी मधुर वाणी से भगवान श्री कृष्ण के दिव्य अवतार और भक्त प्रह्लाद की कथा का सजीव वर्णन किया। जैसे ही पंडाल में श्री कृष्ण जन्म का प्रसंग आया, पूरा माहौल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों पर जमकर नृत्य किया और माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा।
कथा के पूर्वार्ध में व्यास जी ने भक्त प्रह्लाद के अनन्य प्रेम और भगवान नृसिंह देव के प्राकट्य की महिमा समझाई। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि भगवान को खंभे से भी प्रकट होना पड़ता है। इसके बाद उन्होंने कंस के अत्याचारों और वासुदेव-देवकी के तप के बाद भगवान विष्णु के कृष्ण रूप में अवतरित होने की कथा सुनाई। कथा को सुनने के लिए हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में माताएं-बहनें और श्रद्धालु पहुंचे थे।
धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में प्रतिदिन की तरह सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मुख्य पूजन संपन्न हुआ। आचार्य ब्राह्मण नवीन त्रिपाठी, गणेश पेंट और राजेंद्र संवर ने मुख्य यजमानों से गणेश पूजा, पुण्य वाचन और श्रीमद् भागवत महापुराण का विधि-विधान से व्यास पूजन कराया। इस धार्मिक अनुष्ठान में मुख्य रूप से यजमान परिवार के जितेंद्र मेहता, चंदन मेहता और क्षेत्रीय पार्षद अनीता मेहता शामिल हुए।
इस पावन अवसर पर शोभा मेहता, दीपा कोरंगा, नियति बिष्ट कोरंगा, पदमा, नवीन बेलवाल और पंकज सनवाल ने भी भाग लिया। इनके साथ ही बेलवाल, तिवारी और दया जोशी समेत कई गणमान्य नागरिकों ने भगवान का आशीर्वाद लिया। कथा के समापन पर महाआरती का आयोजन हुआ, जिसके बाद सभी भक्तों के लिए विशाल भंडारे और प्रसाद की व्यवस्था की गई थी।
