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उत्तराखंड पुलिस

दारोगा भर्ती धांधली मामले में विजिलेंस जांच के लिए टीम गठित, पूछताछ के लिए देहरादून तलब

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निलंबित 20 दारोगाओं को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है टीम, साक्ष्य जुटाने के बाद गिरफ्तारी की तलवार लटकी
देहरादून। दारोगा भर्ती धांधली मामले में विजिलेंस ने संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए देहरादून तलब किया। विजिलेंस निदेशक डा. मुरुगेशन ने एसपी मुख्यालय रेनू लोहानी की देखरेख में एक टीम का गठन किया है। शनिवार को टीम ने छह व्यक्तियों से पूछताछ की। विजिलेंस जल्द ही मामले के नामजद आरोपितों और निलंबित 20 दारोगाओं को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। साक्ष्य जुटाने के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी हो सकती है।
उत्तराखंड अधीनस्थ चयन सेवा आयोग (यूकेएसएसएसी) की ओर से कराई गई भर्तियों की जांच में पिछले साल दारोगा भर्ती धांधली का भी पर्दाफाश हुआ था। कुछ दारोगाओं की फोटो नकल माफिया हाकम सिंह रावत के साथ इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद भर्ती में धांधली का संदेह हुआ।
जांच हुई तो पता चला कि 339 पदों के लिए वर्ष 2015 में हुई दारोगाओं की सीधी भर्ती में 30 से भी ज्यादा दारोगा नकल कर पास हुए हैं। यह परीक्षा पंतनगर विवि के माध्यम से आयोजित की गई थी। शुरुआती जांच के बाद विजिलेंस ने अक्टूबर 2022 के दौरान विवि के डीन (अब सेवानिवृत्त) नरेंद्र सिंह जादौन, हाकम सिंह, आरएमएस कंपनी के मालिक राजेश चौहान समेत आठ आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
विजिलेंस की प्रारंभिक जांच में नाम सामने आने पर जनवरी 2023 में 20 दारोगाओं को निलंबित भी कर दिया गया था। प्रकरण में अभी तक विजिलेंस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है। अब इस मामले में कार्रवाई तेज कर दी गई है। विजिलेंस जांच में परीक्षा आयोजित कराने वाले कुल छह लोगों के नाम सामने आए हैं। इन लोगों को शनिवार को विजिलेंस कार्यालय बुलाया गया था। सुबह करीब 10 बजे से शाम छह बजे तक उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद रविवार को भी इन लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इस मामले में आरोपितों के बयान दर्ज करने के लिए भी उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही कुछ निलंबित दारोगाओं से भी जल्द पूछताछ हो सकती है।

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