Report by : gulabsingh
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गफूर बस्ती के अस्तित्व का फैसला आज, कबूल होगी गफूर बस्ती के लोगों की दुवाएं

दिल्ली में कांग्रेसी नेताओं का जमावड़ा, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

हल्द्वानी। गफूर बस्ती के अस्तित्व का फैसला आज हो जाएगा। बस्ती में हजारों परिवार 70 सालों से रेलवे की भूमि पर रह रहे हैं। कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने रेलवे की जमीन से अतिक्रमण हटाने की तैयारी कर ली है। आज इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है। बस्ती के लोगों ने बुधवार शाम सामूहिक प्रार्थना कर दुवाएं मांगी। वही इस मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के नेताओं ने दिल्ली में डेरा डाला है।

गफूर बस्ती के अस्तित्व का फैसला आज, कबूल होगी गफूर बस्ती के लोगों की दुवाएं

10 डीएम, 30 एसडीएम मांगे गए
अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रसाशन ने क्षेत्र को चार सुपर जोन में बांटा है। सुपर जोन में एडीएम स्तर के अधिकारी और जोन, सेक्टर में एसडीएम स्तर के अधिकारी तैनात होंगे। इसके लिए 10 एडीएम और 30 एसडीएम मांगे गए हैं।
कांग्रेस के ये नेता पहुंचे दिल्ली
सुनवाई के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा, कांग्रेस विधायक दल के उपनेता भुवन कापड़ी, हल्द्वानी के विधायक सुमित हृदयेश, उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, विजय सारस्वत दिल्ली पहुंचे।

मानवता के नाते सीएम अपना प्रतिनिधि भेजें : नेता प्रतिपक्ष
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पक्ष को उच्च न्यायालय में कमजोर तरह से रखा जिस वजह से यह फैसला आया है। कहा कि सरकार को मानवता के नाते एक प्रतिनिधिमंडल बनभूलपुरा भेजना चाहिए था। हल्द्वानी में भाजपा के सांसद, विधायक और मंत्री आते रहते हैं लेकिन कोई भी प्रभावित लोगों से मिलने नहीं गया जबकि यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। कहा कि मेरी मांग है कि अगर सीएम यहां नहीं आ सकते तो कम से कम अपने किसी प्रतिनिधि को भेजकर यहां लोगों को आश्वस्त करना चाहिए था। 
बता दें कि हाल ही में हाईकोर्ट ने बनभूलपुरा गफूर बस्ती में रेलवे की 29 एकड़ भूमि पर किए गए अतिक्रमण को ध्वस्तीकरण करने के आदेश दिए थे। इस जगह पर करीब 4365 अतिक्रमणकारी हैं। आदेश के बाद से ही लोग आशियाना बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।

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