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स्वास्थ्य

चिकित्सकों के लिए मरीज “सेवा और शिक्षक” का रूप: डॉ. रावत

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मेडिकल कॉलेज के व्हाइट कोट सेरेमनी एवं महर्षि चरक शपथ में पहुंचे चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री

बोले, मरीज के इलाज से ही चिकित्सक डाक्टरी सेवा में निपुण होते, 150 एमबीबीएस छात्रों ने ली महर्षि चरक शपथ

मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के छात्र-छात्राओं ने दी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुति

श्रीनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में एमबीबीएस बैच 2022 के छात्र-छात्राओं का व्हाइट कोट सेरेमनी एवं महर्षि चरक शपथ समारोह आयोजित हुआ। जिसमें प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने एमबीबीएस छात्र -छात्राओं को व्हाइट कोट पहनाकर उन्हें एमबीबीएस की पढ़ाई की शुभकामनाएं दी। व्हाइट कोट सेरेमनी के बाद एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को डॉक्टरी पेश के दौरान अनुशासन एंव मरीज के ईलाज के प्रति ईमानदारी, निष्ठा का पाठ पढ़ाते हुए महर्षि चरक शपथ दिलाई गई। चरक शपथ एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नियति ऐरन द्वारा दिलाई गई। जिसके बाद छात्र-छात्राओं ने समारोह में रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को सफल बनाया।
मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के समारोह में पहुंचे प्रदेश के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने महर्षि चरक शपथ लेने वाले 150 एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को बधाई दी। कहा कि यह डॉक्टर बनने की पहली सीढ़ी है और डॉक्टर के प्रति जो मरीज की अंकाक्षाएं रहेगी उसे पूरी मनोयोग से निभायेगे। डॉ. रावत ने कहा कि चिकित्सक के लिए हर मरीज सेवा के साथ -साथ एक शिक्षक भी है, जो चिकित्सक इस भाव व भावना से मरीज का ईलाज करता है वहीं समाज का कल्याणकारी चिकित्सक है। उन्होंने कहा कि पहले चरक शपथ विदेशी शपथ होती थी, जिसको बदलने के लिए उनके द्वारा भारत सरकार को पत्र लिखा। जिसके बाद एनएमसी ने भी पूरे देश में महर्षि चरक शपथ दिलाने का आदेश जारी किया है। वर्ष 2017 में शिक्षा मंत्री बनने पर दीक्षांत समारोह में वेशभूषा भारतीय सभ्यता में कराने की पहल की। जिससे आज पूरे देश में दीक्षांत समारोह भारतीय सभ्यता में होते है। यहीं नहीं गढ़वाल की टोपी में बह्मकमल एवं गढ़वाल एवं कुमांऊ रेजीमेंट का चिन्ह है। उक्त टोपी को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहनकर उत्तराखंड संस्कृति व वेशभूषा का मान बढ़ाया है। कहा कि पूरे मेडिकल कॉलेजों में भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान प्राप्त ऋषियों का सम्मान एवं महर्षि धनवंतरी, महर्षि सुश्रुत एवं महर्षि चरक की प्रतिमाओं को स्थापित किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा उक्त कार्यक्रम में पधारने पर आभार प्रकट करते हुए कहा कि भारतीय चिकित्सा पद्धति एवं भारतीय संस्कृति में विशेष स्थान प्राप्त ऋषियों महर्षि धनवंतरी, महर्षि सुश्रुत एवं महर्षि के विचार व प्रेक्टिस को हर चिकित्सक को अपने जीवन में धारण कर मरीजों की सेवा में समर्पित होना चाहिए। यही एक चिकित्सक का सर्वश्रेष्ठ कर्तव्य है। इसी भावना के तहत एक चिकित्सक का दर्जा ईश्वर के बाद द्वितीय स्थान पर रखा गया है।

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इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुषमा रावत, यूसीएफ अध्यक्ष मातबर रावत, भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेन्द्र धिरवाण, जिला उद्योग जिलाध्यक्ष वासुदेव कंडारी, पूर्व राज्य मंत्री अतर सिंह असवाल, गणेश भट्ट, डॉ.बीपी नैथानी, भाजपा प्रदेश सदस्य विकास कुकरेती, कुशलानाथ, डॉ. सुरेन्द्र सिंह सहित मेडिकल कॉलेज के समस्त संकाय सदस्य मौजूद थे।

पढ़ाई के साथ एक छात्र ले पांच परिवार गोद- डॉ. रावत

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चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि एक छात्र अपने मेडिकल कॉलेज क्षेत्र के आस-पास पड़ने वाले क्षेत्रों से पांच परिवार भी पढ़ाई के साथ गोद ले और ऐसे परिवारों का स्वास्थ्य के क्षेत्र में मदद करेगे। एमबीबीएस की पढ़ाई के साथ-साथ पांच परिवार गोद लेने से छात्र को अच्छा अनुभव प्राप्त होगा साथ ही परिवार में क्या-क्या दिक्कतें या बीमारियां आ सकती है। इस बारे में भी जानकारी हासिल कर उन्हें हल करने में सफल हो पायेगे। कहा कि कुशल डॉक्टर वहीं है जो एक मरीज के जीवन भर संपर्क में रहता है।

फरवरी माह में एमबीबीएस छात्रों से करेगे संवाद-

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने समारोह के दौरान एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं को उनके रहने, खाने और अन्य दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि फरवरी माह में छात्रों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनेगे। साथ ही उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन इससे पहले छात्रों की समस्याएं हल कर देगा मेरा विश्वास है।

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