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अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़

आदि कैलाश की ओर बढ़ रहे पर्यटकों के कदम, बंगाली पर्यटकों का भी जुड़ाव

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धारचूला: उत्तराखंड के धारचूला स्थित व्यास घाटी में स्थित ओम पर्वत और आदि कैलाश धाम धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहे हैं। इस साल अब तक लगभग 28,000 से अधिक यात्री आदि कैलाश के दर्शन कर चुके हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम सुहावना होने के कारण दीप पर्व के बाद यात्रियों की संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद है।
पिछले साल अक्टूबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आदि कैलाश यात्रा के बाद से ही देश के विभिन्न प्रांतों से यात्रियों का यहां आना जारी है। धारचूला तहसील कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार, सीजन में प्रतिदिन लगभग 300 यात्रियों के लिए इनर लाइन पास जारी किए गए हैं। दीपावली के दौरान भी यात्रियों का आना जारी रहा और अब दीप पर्व के बाद एक बार फिर से यात्रा में तेजी आने की उम्मीद है।
ओम पर्वत और आदि कैलाश धार्मिक पर्यटन के नए केंद्र बनने से स्थानीय होम स्टे, होटल और वाहन संचालकों का कारोबार भी तेजी से फल-फूल रहा है। दारमा घाटी तक पहुंच सुगम होने के कारण लगभग 5000 यात्रियों ने पंचाचूली ग्लेशियर के दर्शन किए हैं। हालांकि, केएमवीएन की आदि कैलाश यात्रा तो बंद हो चुकी है लेकिन निजी टूर ऑपरेटरों के माध्यम से काफी संख्या में यात्री यहां पहुंच रहे हैं।
सीमांत जिले में इस समय बंगाली पर्यटकों का सीजन चल रहा है। केएमवीएन पर्यटक आवास गृह के प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि पर्यटक आवास गृहों की बुकिंग करा रहे हैं। अधिकांश बंगाली पर्यटक अल्मोड़ा, बागेश्वर से चौकाेड़ी पहुंचते हैं। क्षेत्र में घूमकर पर्यटक मुनस्यारी पहुंच हिमालय का सौंदर्य निहारते हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली के बाद बंगाली सीजन में तेजी आने की संभावना है।

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