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उत्तराखण्ड

पांच साल में नैनी झील का जलस्तर सबसे कम

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बर्फबारी-बारिश नहीं होने से प्राकृतिक जलस्रोत सूखे
नैनीताल। शीतकाल में नैनीताल में अभी तक हिमपात नहीं हुआ है। इससे पर्यटन.व्यवसाय से जुड़े व्यापारी मासूम हैं। व्यापारियों के अलावा नैनीताल के.ताल को भी बारिश और हिमपात का इंतजार है। हिमपात और वर्षा नहीं होने से.झील का जलस्तर कम और प्राकृतिक जलस्रोतों सूचने लगे हैं।
झील का जलस्तर 7.10 फीट है। पिछले साल की तुलना में करीब डेढ़ फीट कम हैं। अभी बारिश और हिमपात नहीं हुआ तो गर्मियों में झील का पानी और गिर जाएगा। 62 नालों से झील में पानी आता है। बारिश नहीं होने से नाले सूखे हैं। झील नियंत्रण कक्ष प्रभारी रमेश सिंह के मुताबिक झील की अधिकतम
गहराई 27 मीटर है। झील के किनारे पर जलस्तर को मापने के लिए ब्रिटिश काल से ही गेज मीटर लगे हैं। जिसमें 0-12 फीट तक ऊंचाई इंगित है। झील की.गहराई के क्रम में 24.5 मीटर जलस्तर को सामान्य माना जाता है। जलस्तर मीटर गेज पर शून्य पहुंचने पर भी झील में 24.5 मीटर पानी बना रहता है।

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वर्ष- जलस्तर- वर्षा
2023- 7.10 फीट-शून्य
2022- 9.4 फीट 1694- एमएम
2021- 5.8 फीट 2433- एमएम
2020- 5.7 फीट 1572- एमएम
2019- 6.8 फीट 1520- एमएम

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