अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
अल्मोड़ा में सीएमओ का फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर बैंक लोन घोटाला, कांग्रेस नेता समेत तीन गिरफ्तार
अल्मोड़ा में स्वास्थ्य जांच सब्सिडी ऋण के लिए सीएमओ के फर्जी हस्ताक्षर और मुहर बनाने के आरोप में पुलिस ने कांग्रेस सेवादल जिलाध्यक्ष समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
अल्मोड़ा। उत्तराखंड के अल्मोड़ा में स्वास्थ्य जांच के लिए सब्सिडी ऋण (लोन) लेने के नाम पर एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने बुधवार को मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) का फर्जी प्रमाण पत्र और जाली मुहर बनाने के आरोप में तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हैरान करने वाला नाम खुद मामले के शिकायतकर्ता और कांग्रेस सेवादल के जिलाध्यक्ष दिनेश नेगी का भी शामिल है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता दिनेश नेगी के साथ ही ग्राम प्रधान संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह गैलाकोटी और एसएसजे के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष सुनील सिंह कठायत को भी दबोचा है। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला सितंबर 2025 में दर्ज कराई गई एक तहरीर से शुरू हुआ था। तब जय गोलू ट्रेडर्स फर्म के संचालक दिनेश नेगी ने ही अन्य साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।
शुरुआती शिकायत में आरोप लगाया गया था कि यूनियन बैंक की अल्मोड़ा शाखा से स्वास्थ्य जांच संबंधी सब्सिडी लोन लेने के लिए आवेदन फाइल लगाई गई थी। इस फाइल में सीएमओ अल्मोड़ा का जाली प्रमाण पत्र और फर्जी हस्ताक्षर शामिल किए गए थे। इतना ही नहीं, बैंक में सब्सिडी हड़पने के उद्देश्य से फर्म के नाम के फर्जी कोटेशन, बिल और अन्य जरूरी दस्तावेज भी गलत तरीके से जमा कराए गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केस दर्ज कर जब गहराई से जांच शुरू की, तो परतें खुलती चली गईं। पुलिस की तफ्तीश में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि खुद शिकायत दर्ज कराने वाला दिनेश नेगी ही इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड था। पुलिस ने पुख्ता सबूतों के आधार पर साजिश में शामिल सुनील सिंह कठायत और धीरेंद्र गैलाकोटी समेत तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
