Connect with us

हल्द्वानी

दुग्ध संघ अध्यक्ष के भागने में मदद करने वाले तीन भाई गिरफ्तार

Published

on

खबर शेयर करें 👉

हल्द्वानी: नैनीताल दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष मुकेश बोरा के भागने में मदद करने वालों की फेहरिस्त लगातार बढ़ती जा रही है। पुलिस ने अब बोरा के गांव के तीन सगे भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन तीनों भाइयों ने बोरा को मोबाइल फोन और सिम कार्ड उपलब्ध कराकर उसे पुलिस से बचने में मदद की थी।
पुलिस के अनुसार, मुकेश कुलोरा, दिनेश कुलोरा और दीपक कुलोरा नामक ये तीनों भाई दुग्ध संघ में विभिन्न पदों पर कार्यरत हैं। इनमें से दिनेश कुलोरा लालकुआं दुग्ध संघ में जेई के पद पर तैनात है, जबकि दीपक और मुकेश कुलोरा ठेकेदार कर्मचारी हैं। इन तीनों भाइयों ने मिलकर एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड खरीदकर राजेंद्र रैक्वाल को दिया था। रैक्वाल ने यह मोबाइल और सिम कार्ड मुकेश बोरा तक पहुंचाया था।
बता दें कि मुकेश बोरा पर दुग्ध संघ में काम करने वाली एक महिला से दुष्कर्म का आरोप लगा है। इस मामले में पुलिस ने बोरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इसके बाद पुलिस बोरा के भागने में मदद करने वालों की तलाश में जुटी हुई थी। अब तक पुलिस ने बोरा के आठ मददगारों को आरोपित बनाया है।
क्या है पूरा मामला?
मुकेश बोरा पर दुग्ध संघ में काम करने वाली एक महिला ने दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने बोरा को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, बोरा जमानत पर बाहर आ गया था और फिर फरार हो गया था। पुलिस ने बोरा को पकड़ने के लिए कई जगह छापेमारी की थी।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने बोरा के भागने में मदद करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए इन तीनों भाइयों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस ने इनके खिलाफ सबूत जुटाने का काम शुरू कर दिया है। पुलिस का कहना है कि वह बोरा के अन्य मददगारों की भी तलाश कर रही है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार किया जाएगा।
यह मामला क्यों है महत्वपूर्ण?
यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दिखाता है कि अपराधियों को बचाने में कई लोग शामिल होते हैं। इस मामले में, दुग्ध संघ के कर्मचारी भी बोरा को बचाने में शामिल थे। यह मामला यह भी दर्शाता है कि पुलिस अपराधियों को पकड़ने के लिए कितनी गंभीर है।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement