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उत्तराखण्ड

सिंचाई विभाग में तबादलों को लेकर बवाल, एक पद पर दो अधिकारी तैनात

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देहरादून: उत्तराखंड के सिंचाई विभाग में हाल ही में हुए तबादलों को लेकर विभाग में खलबली मची हुई है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक, कई पदों पर एक साथ दो-दो अधिकारियों को तैनात कर दिया गया है, जिससे विभाग में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, परिकल्प एवं निदेशक सिंचाई अनुसंधान संस्थान रुड़की सुबीर कुमार को मुख्य अभियंता श्रीनगर में तैनात किया गया है। लेकिन यहां पर पहले से ही एक मुख्य अभियंता तैनात हैं। इसी तरह, मुख्य अभियंता अल्मोड़ा से चंद्रशेखर सिंह को मुख्य अभियंता हरिद्वार के पद पर तैनाती दी गई है। साथ ही, उन्हें मुख्य अभियंता देहरादून का भी अतिरिक्त चार्ज दिया गया है।
अधिशासी अभियंता, देहरादून के पद पर तैनात दिनेश चंद्र उनियाल को ईई हरिद्वार के पद पर तैनाती दी गई है, लेकिन अधिशासी अभियंता देहरादून के पद पर अभी तक किसी अन्य अधिकारी की तैनाती का आदेश नहीं हुआ है। सिंचाई खंड उत्तरकाशी में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात कृष्ण सिंह चौहान को ईई सिंचाई खंड थराली में तैनाती दी गई है। यहां भी पहले से एक अधिशासी अभियंता तैनात हैं, लेकिन उनके कार्य क्षेत्र में बदलाव के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
विभागाध्यक्ष का कहना
इस पूरे मामले पर सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष जयपाल का कहना है कि तबादलों में हुई कुछ कमियों को दूर करने के लिए प्रस्ताव दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
कर्मचारियों में रोष
विभागीय सूत्रों के अनुसार, इन तबादलों को लेकर कर्मचारियों में काफी रोष है। कर्मचारी नेतृत्व का कहना है कि इस तरह के तबादलों से विभागीय कार्य प्रभावित होंगे और इससे जनता को भी परेशानी होगी।
सवाल उठ रहे हैं
इन तबादलों को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जैसे कि, एक पद पर दो अधिकारियों को तैनात करने का क्या कारण है? क्या इन तबादलों में किसी तरह की अनियमितता हुई है? क्या विभागीय नियमों का पालन किया गया है?
विपक्ष का हमला
विपक्ष ने भी इस मामले को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि सरकार सिंचाई विभाग में मनमाने ढंग से तबादले कर रही है और इससे विभाग की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
आगे क्या होगा
यह देखना दिलचस्प होगा कि सिंचाई विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है। क्या विभाग इन तबादलों को रद्द करेगा या फिर इनमें कुछ संशोधन करेगा? यह भी देखना होगा कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है।
यह मामला एक बार फिर सिंचाई विभाग में चल रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।

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