Connect with us

उत्तराखण्ड

यूकेएसएसएससी परीक्षा माफिया एक और मुख्य अभियुक्त की सम्पत्ति होगी सील

Published

on

खबर शेयर करें 👉

आरएमएस कम्पनी के सुपरवाईजर है अभियुक्त विपिन बिहारी, निकली 1 करोड़ रूपये की चल अचल सम्पत्ति

  • अभियुक्त विपिन बिहारी की युकेएसएसएससी परीक्षा पेपर लीक के अलावा वर्ष 2015.2016 में आयोजित दरोगा भर्ती परीक्षा और वीडीओ परीक्षा में थी मुख्य भूमिका

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री आयुष अग्रवाल द्वारा बताया गया कि यूकेएसएसएससी पेपर लीक मामले में एसटीएफ द्वारा इस गिरोह के 24 सदस्यों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट में विवेचना की जा रही है जिसमें अभियुक्तों की चल अचल सम्पत्ति को भी गैंगस्टर एक्ट के अन्तर्गत सीज करने की कार्यवाही भी की जा रही है। अभी तक *इस गैंग के 07 सदस्यों हाकम सिंह, अंकित रमोला, चन्दन मनराल, जयजीत दास, मनोज जोशी, दीपक शर्मा एवं केन्द्रपाल की संपत्तियों का आंकलन कर जब्तिकरण की कार्यवाही हेतु जिलाधिकारी देहरादून को प्रेषित की गई थी, जिनमें से जिलाधिकारी देहरादून द्वारा अभियुक्त चंदन मनराल हाकम सिंह अंकित रमोला और जय जीत दास की संपत्ति कुर्क कर ली गई है अन्य के खिलाफ कार्यवाही प्रचलित है,* अब एसटीएफ द्वारा *इस गैंग के एक अन्य सदस्य विपिन बिहारी की भी सम्पत्ति का आंकलन पूरा कर लिया गया है*। जिसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते हुए जिलाधिकारी देहरादून को जब्तीकरण हेतु प्रेषित की गई है.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री आयुष अग्रवाल द्वारा आगे बताया गया कि गैंगस्टर अधिनियम की धारा-14(1)  के तहत अभियुक्त गणों की अवैध संपत्ति को जिलाधिकारी द्वारा जब्त किये जाने का प्रावधान है। इसी क्रम में आज एसटीएफ की विवेचना टीम के द्वारा निम्नलिखित अभियुक्तगण के विरूद्ध उनकी सम्पत्ति के जब्तीकरण की कार्यवाही की गई।
*वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ श्री आयुष अग्रवाल द्वारा आगे जानकारी देते हुये बताया कि* यूकेएसएसएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षा में की गयी धांधली के अपराध में जिला कारागार सिद्धुवाला में निरूद्ध *अभियुक्त बिपिन बिहारी इन परिक्षाओं को आयोजित कराने वाली आरएमएस कंपनी में सुपरवाइजर के पद पर तैनात था और विभिन्न परिक्षाओं में विपिन बिहारी द्वारा परीक्षा में प्रश्न पत्र लीक कराने में मुख्य भूमिका निभायी गयी थी। इसके अलावा वर्ष 2015-2016 की दरोगा भर्ती परीक्षा और वीडीओ परीक्षा में ओएमआर शीट में हेराफेरी करने में भी संलिप्तता पायी गयी थी।* जिसको देखते हुये एसटीएफ द्वारा अभियुक्त विपिन विहारी की चल अचल सम्पत्तियों का गहनता से छानबीन की गयी तो इस अपराधी की लगभग एक करोड़ की चल अचल सम्पत्ति का पता लगा है जिसमें *अभियुक्त विपिन बिहारी के अपनी परिजनों के नाम से लखनउ सीतापुर हाईवे से लगी हुयी 23 बीघा जमीन जिसका बाजारी मूल्य करीब 65 लाख रूपये, एक 650 वर्ग फीट का लखनउ षहर में एक प्लॉट तथा लगभग 04 लाख रूपये विभिन्न बैंकों में जमा किए जाना पाया गया।* जिनके संबंध में एसटीएफ द्वारा विवेचना की गई तो बिपिन बिहारी और उसके परिजनों के आय के नाम मात्र स्रोत पाये गये हैं। विवेचना के दौरान पाया गया कि अभियुक्त विपिन बिहारी द्वारा उपरोक्त सम्पत्ति वर्ष 2015-2016 के पश्चात् कमायी गयी है, जिससे अभियुक्त विपिन बिहारी की उपरोक्त संपत्ति और बैंक में जमा धनराषी की जब्तीकरण हेतु एसटीएफ द्वारा रिपोर्ट तैयार कर माननीय जिलाधिकारी महोदय को प्रेषित कर दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री आयुष अग्रवाल द्वारा जानकारी दी गई कि गैंगस्टर की विवेचना में राजेश कुमार चैहान, दीपक शर्मा, अंकित रमोला, शशिकांत, हाकम सिंह, केंद्रपाल, जयजीत, अभिषेक वर्मा, मनोज जोशी, मनोज जोशी, दीपक शर्मा, महेन्दर चैहान, हिमांशु कांडपाल, तनुज शर्मा, ललित राज, चन्दन मनराल, जगदीश गोस्वामी, बलवन्त रौतेला, कुलवीर, दिनेश जोशी, योगेश्वर राव, विपिन विहारी, गौरव नेगी एवं संजीव कुमार चैहान कुल 24 अभियुक्तों की सम्पत्ति की जॉच कर जब्तीकरण की कार्यवाही की जा रही है।’

Select Language

Advertisement