हल्द्वानी
विरसा संभाल कैंप 2026: हल्द्वानी में बच्चों को सिख विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल
हल्द्वानी में 1 जून से विरसा संभाल कैंप 2026 का आयोजन होने जा रहा है। बच्चों और युवाओं को सिख इतिहास, गटका और दस्तार ट्रेनिंग के साथ मिलेंगे बम्पर प्राइजेज।
हल्द्वानी। शहर में नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने के लिए एक शानदार शुरुआत होने जा रही है। सिख मिशनरी कॉलेज सर्कल हल्द्वानी द्वारा आगामी 1 जून से 13 जून 2026 तक **”विरसा संभाल कैंप 2026″** का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष समर कैंप प्रतिदिन सुबह 7:00 बजे से 10:30 बजे तक श्री गुरु तेग बहादुर पब्लिक स्कूल, हल्द्वानी के परिसर में संचालित होगा। आयोजकों का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को अपनी गौरवशाली सिख विरासत, गुरबाणी और संस्कारों से रूबरू कराना है।
इस 13 दिवसीय समर कैंप में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए कई तरह की मनोरंजक और ज्ञानवर्धक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। कैंप के दौरान बच्चों को विशेष रूप से शुद्ध गुरबाणी उच्चारण, कीर्तन, पंजाबी एवं गुरमत कैलीग्राफी और गुरमुखी अक्षर ज्ञान सिखाया जाएगा। इसके साथ ही सिख मार्शल आर्ट ‘गटका’ और पारंपरिक दस्तार एवं दुमाला (पगड़ी) बांधने का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। खेल-खेल में बच्चों को सिख इतिहास और ऐतिहासिक गुरुद्वारों के गौरवशाली अतीत से परिचित कराया जाएगा।
शिविर में केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। वरिष्ठ वर्ग के प्रतिभागियों के लिए न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मनमीत कौर और मनोवैज्ञानिक हरप्रीत कौर द्वारा विशेष कार्यशालाएं ली जाएंगी। इन सत्रों में युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बेहतरीन टिप्स दिए जाएंगे। इसके अलावा, कैंप में पर्यावरण दिवस की गतिविधियां और व्यक्तित्व विकास (पर्सनैलिटी डेवलपमेंट) की कक्षाएं भी आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेंगी।
इस समर कैंप को लेकर स्थानीय सिख समाज, विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों और युवाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि कैंप में शामिल होने वाले प्रतिभागियों के लिए निःशुल्क परिवहन (बस) सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए सीनियर और जूनियर ग्रुप के ‘बेस्ट कैंपर’ को ₹1100-₹1100 के नगद बम्पर प्राइजेज और आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाकर बच्चों को इस अनूठी पहल का हिस्सा बनाएं।
