Connect with us

नई दिल्ली

कैसी ये तकदीर लिखी है

Published

on

खबर शेयर करें 👉

चंद पलों का सुख दे करके
जीवन भर की पीर लिखी है,

टेढ़ी-मेढ़ी,आड़ी-तिरछी
कैसी अमिट लकीर लिखी है,

छीन पिता का साया उर में
अकथ वेदना चीर लिखी है,

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में कोबरा गैंग का एक और सदस्य गिरफ्तार, 68 ग्राम कोकीन बरामद

खाली हाथों में हे ईश्वर
कैसी ये तकदीर लिखी है।

इस जीवन में पुनः मिलेंगे
दिखती ऐसी आस नहीं है,
बिना आपके सब सूना है
दुनिया आती रास नहीं है,
दु:ख की बारिश हमें सताने
अक्सर घर में आ जाती है,
जान गई है वो भी पापा
इनके सिर आकाश नहीं है।

यह भी पढ़ें 👉  दिल्ली जाने से पहले देख लें रूट प्लान, नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री शपथ ग्रहण समारोह के चलते ट्रैफिक डायवर्जन
पिताजी की द्वितीय पुण्यतिथि पर समर्पित भावोद्गार…

देवेश द्विवेदी ‘देवेश’

Select Language

Advertisement