नई दिल्ली
हल्द्वानी के संस्कृत महाविद्यालय में 10 दिवसीय ‘संभाषण शिविर’ शुरू, छात्र सीखेंगे धाराप्रवाह संस्कृत!
16 दिसंबर से हल्द्वानी के श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय में 10 दिवसीय संभाषण शिविर का आरंभ हुआ। काशी के विद्वान आलोक जी छात्रों को संस्कृत संभाषण कौशल सिखाएंगे, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।
हल्द्वानी: हल्द्वानी स्थित श्री सनातन धर्म संस्कृत महाविद्यालय में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए 10 दिवसीय विशेष संभाषण शिविर शुरू किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच संभाषण कौशल को बढ़ावा देना है, विशेषकर संस्कृत भाषा में।
इस शिविर का नेतृत्व काशी से आए हुए प्रतिष्ठित विद्वान आलोक जी कर रहे हैं। आलोक जी अपने गहरे ज्ञान और प्रेरणादायक शैली से छात्रों को संभाषण के प्रति प्रेरित करेंगे। यह वर्ग 16 दिसंबर से शुरू होकर 26 दिसंबर तक निरंतर चलेगा। छात्रों को सुबह और शाम, दोनों समय पर संभाषण कौशल का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संस्कृत संभाषण कौशल सीखने से छात्रों में इस प्राचीन भाषा का अभ्यास निरंतर देखने को मिलेगा। यह न केवल उनकी भाषा पर पकड़ मजबूत करेगा, बल्कि उनमें आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा। संभाषण के अभ्यास से वे धाराप्रवाह संस्कृत बोलने में सक्षम होंगे, जो उनके भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर विद्यालय के समस्त अध्यापक-अध्यापिकाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। सभी ने छात्रों को संस्कृत संभाषण संवर्धन के लिए एकत्रित होकर प्रेरित किया। उनका मानना है कि यह 10 दिवसीय कार्यशाला छात्रों के शैक्षिक और व्यक्तित्व विकास में एक मील का पत्थर साबित होगी।
> सुझाव: संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए अन्य महाविद्यालयों को भी ऐसे ही संभाषण शिविरों का आयोजन करना चाहिए।
> यह संभाषण शिविर संस्कृत भाषा को जन-जन तक पहुंचाने और छात्रों को व्यवहारिक रूप से तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। छात्रों में उत्साह का माहौल है और वे इस विशेष प्रशिक्षण का भरपूर लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं।
