हल्द्वानी
रुद्रपुर में डिजिटल अरेस्ट से शिक्षिका के 50 लाख रुपये उड़े, हल्द्वानी में कारोबारी से स्टॉक ट्रेडिंग के नाम पर 7.50 लाख की ठगी
रुद्रपुर/हल्द्वानी। साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। रुद्रपुर में एक सेवानिवृत्त शिक्षिका को कथित रूप से भारतीय जांच एजेंसी के अधिकारी बताकर 18 घंटे डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और उनके खाते से 50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। वहीं, हल्द्वानी में एक कारोबारी से स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के बहाने 7.50 लाख रुपये ठग लिए गए।
रुद्रपुर में हुई घटना में रानीखेत निवासी सिराज पत्नी अमीनुर रहमान ने पंतनगर साइबर थाने में केस दर्ज कराया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि 19 जून को उनकी रामनगर निवासी भांजी महनाज उनके घर आई थी। तभी एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कॉलर ने खुद को टेलीकॉम विभाग का अधिकारी बताकर मोबाइल से अश्लील फोटो भेजे जाने की शिकायत बताई। इसके बाद एक अन्य कॉल रिसीव करने के लिए कहा गया, जिसमें कॉलर ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और आधार कार्ड से फर्जी नंबर जारी करने तथा सीबीआई से कॉल आने का झूठा डर दिखाया।
इसके बाद सीबीआई के नाम से एक फर्जी वीडियो कॉल आया, जिसमें कथित डीएसपी ने फर्जी स्क्रीनशॉट व सुप्रीम कोर्ट का अरेस्ट वारंट भेजा। दहशत में आई शिक्षिका से उनके बैंक खातों की जानकारी ली गई और 18 घंटे डिजिटल अरेस्ट में रखते हुए 50 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। साइबर थाने के प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हल्द्वानी में कारोबारी से 7.50 लाख की ठगी
दूसरी ओर हल्द्वानी में इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी मोहम्मद आसिम अली खान से स्टॉक मार्केट ट्रेडिंग के बहाने 7.50 लाख रुपये ठग लिए गए। कारोबारी के अनुसार 15 फरवरी को एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल पर संपर्क किया और खुद को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताकर निवेश करने को कहा। झांसे में आकर कारोबारी ने अपने नेट बैंकिंग आईडी-पासवर्ड साझा कर दिए। इसके बाद आरोपी ने 17 से 20 फरवरी के बीच उनके खाते से 100 से अधिक लेन-देन करते हुए 2.34 करोड़ रुपये निकाल लिए। बैंक से शिकायत करने पर खाते को ब्लॉक कर दिया गया।
कोतवाल राजेश यादव ने बताया कि इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए गए हैं।
