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उत्तराखण्ड

बारिश का इंतजार, फसलों पर पड़ी सूखे की मार

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एक लाख काश्तकार प्रभावित, 44 हजार हेक्टेयर में लगा है गेहूं

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिले में बारिश नहीं होने से 40 से 60 फीसद तक फसल सूखे की भेंट चढ़ गई। गेहूं, मसूर, सरसों, तुरई, मटर की फसलों को इस वक्त बारिश की जरूरत है। रबी सीजन में जिले में गेहूं की फसल 44 हजार हेक्टेयर, मसूर 2500 हेक्टेयर, सरसों 1500 हेक्टेयर, तुरई 1200 हेक्टेयर, मटर 500 हेक्टेयर में बोई गई है। वर्तमान में किसान 80 हजार हेक्टेयर
भूमि पर खेती का कार्य कर रहे हैं। सूखे के उपजे हालातों ने काश्तकारों को खासा नुकसान पहुंचाया है। 10 अक्टूबर के बाद नहीं हुई बारिश रबी के सीजन में बोई गई फसल को करीब 342 मिमी बारिश की जरूरत होती है। लेकिन बारिश नहीं होने से सूखे के हालात पैदा हो गए है। जिले में 10 अक्टूबर के बाद बारिश ही नहीं हुई हैं। खेतों में सरसों के फूल तक नहीं दिखाई दे रहे हैं।
जिले में एक लाख 10 हजार किसानों की आजीविका खेती पर निर्भर है। बारिश नहीं होने से काश्तकारों की कमर टूट गई है। अब वह सरकार की ओर टकटकी लगाकर देख रहे हैं। मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार के मुताबिक रबी की फसल
के लिए दिसंबर माह में बारिश की जरूरत होती है। इस बार बारिश नहीं हुई।।सूखे से हो रहे नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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