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उत्तराखण्ड

उत्तराखंड की सभी मंडियों में लागू हुआ कृषक उपहार योजना लागू

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कृषकों की दुर्घटना बीमा राशि में एक लाख रुपये की बढ़ोतरी, सेब व टमाटर को लंबे समय तक रखने के लिए बनाए जाएंगे कोल्ड स्टोर
देहरादून। उत्तराखंड की तीन और मंडियां लक्सर, भगवानपुर व नरेंद्र नगर अब राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) से जुड़ गई हैं। केंद्र सरकार से इसकी सहमति मिल चुकी है।
कृषि मंत्री एवं राज्यों के कृषि विपणन बोर्ड की राष्ट्रीय परिषद (कोसांब) के अध्यक्ष गणेश जोशी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देशभर में अब तक 1381 मंडियां ई-नाम से जुड़ गई हैं, जो कि विपणन एवं डिजिटल की दुनिया में किसी क्रांति से कम नहीं है। 
विधानसभा भवन स्थित कार्यालय में कैबिनेट मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य में सेब और टमाटर को लंबे समय तक संरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे। क्लस्टर आधारित कृषि को उन्नत बीज व खाद से बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि जल्द ही हरियाणा के सोनीपत में पांच हजार मीट्रिक टन क्षमता का कोल्ड स्टोर लिया जाएगा। इसे लेकर हरियाणा के राज्य विपणन बोर्ड के अध्यक्ष ने सहमति दे दी है। इससे राज्य के विभिन्न उत्पादों का सोनीपत में भंडारण होने पर किसानों को उत्पाद का उचित दाम मिल सकेगा।
मंत्री जोशी ने बताया कि मंडी परिषद के अंतर्गत कृषकों के लिए व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा की राशि में एक लाख रुपये की वृद्धि की गई है। इस योजना के अंतर्गत मृत्यु पर अब ढाई लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य की सभी मंडियों में कृषक उपहार योजना लागू कर दी गई है। इसके तहत जिस किसान की उपज जितनी अधिक बार मंडी में आएगी, उसे प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार के रूप में 20, 15 व 10 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। पत्रकार वार्ता के दौरान कोसांब के क्षेत्रीय निदेशक विजय थपलियाल भी उपस्थित थे।

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