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उत्तर प्रदेश

परिवारजनों ने कर दिया था अंतिम संस्कार, 11 साल बाद मिली मां, बेटे की आंखें हुई नम

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गोरखपुर: एक दिल को छू लेने वाली घटना में, बिहार के बेगूसराय की एक बुजुर्ग महिला को 11 साल बाद गोरखपुर के मातृछाया वृद्धाश्रम से मिली है। इस दौरान उन्होंने कई साल सड़कों पर भटकी हैं।
घटना के अनुसार, बिहार के बेगूसराय जिला के बलिया लखमिनिया थाना क्षेत्र के गांव बरबीघी निवासी रंजीत महतो की मां इंदू देवी वर्ष 2014 में घर से लापता हो गई थीं। परिवार ने काफी खोजबीन की लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। अंततः उन्होंने मां को मृत मानकर उनका अंतिम संस्कार तक कर दिया था।

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हालांकि, 3 अगस्त 2019 को गोरखपुर के रेलवे स्टेशन के पास इंदू देवी को भटकते हुए पाया गया। उन्हें मातृछाया वृद्धाश्रम लाया गया। यहां उन्होंने कई बार अपना नाम और पता बताने की कोशिश की लेकिन उनकी बात समझ में नहीं आती थी।
30 दिसंबर 2022 को इंदू देवी ने बेगूसराय और अपने बेटे रंजीत का नाम लिया। वृद्धाश्रम के संचालक आलोक त्रिपाठी ने बेगूसराय पुलिस से संपर्क किया और इंदू के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस ने रंजीत से संपर्क किया और इंदू के आधार कार्ड की मदद से उनकी पहचान की पुष्टि की।
20 दिनों की लंबी प्रक्रिया के बाद रंजीत मंगलवार को गोरखपुर पहुंचे और अपनी मां को साथ लेकर गए। 11 साल बाद मां को सकुशल देखकर रंजीत की आंखें नम हो गईं।
मुख्य बिंदु:
* बिहार की बुजुर्ग महिला 11 साल बाद मिली।
* गोरखपुर के मातृछाया वृद्धाश्रम में मिलीं।
* परिवार ने उन्हें मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया था।
* वृद्धाश्रम में 3 साल से रह रही थीं।
* पुलिस की मदद से परिवार से मिलाया गया।

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