Connect with us

उत्तराखण्ड

उत्तराखंड में एक अप्रैल से लागू होगी एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस)

Published

on

खबर शेयर करें 👉

देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी कर्मचारियों को पेंशन का नया विकल्प मिलने जा रहा है। आगामी एक अप्रैल से राज्य में एकीकृत पेंशन योजना (यूपीएस) लागू हो जाएगी। वित्त सचिव डॉ. वी. षणमुगम ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य सरकार ने तीन मार्च 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में यूपीएस को लागू करने का निर्णय लिया था। इसके तहत अब कर्मचारियों को नेशनल पेंशन योजना (एनपीएस) के साथ-साथ यूपीएस का विकल्प भी मिलेगा, जिससे वे अपनी सुविधा के अनुसार किसी एक योजना का चयन कर सकेंगे।

केंद्र सरकार ने दी थी यूपीएस को मंजूरी

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 24 अगस्त 2024 को यूपीएस को मंजूरी दी थी। इस योजना में मौजूदा नेशनल पेंशन योजना (एनपीएस) की तुलना में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। राज्य सरकार ने यूपीएस को लागू करते हुए पेंशन से जुड़े कई लाभकारी प्रावधान किए हैं, जो कर्मचारियों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  अब गांवों में भी देना होगा पानी का बिल, उत्तराखंड में 17 लाख उपभोक्ताओं पर लागू होगी व्यवस्था

यूपीएस के प्रमुख प्रावधान

यूपीएस के तहत सरकारी कर्मचारियों को 25 साल की सेवा पूरी करने के बाद अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50 प्रतिशत प्रतिमाह पेंशन के रूप में मिलेगा। यह प्रावधान रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को एक स्थिर आय सुनिश्चित करता है। इसके अलावा पारिवारिक पेंशन का भी प्रावधान किया गया है, जिसके तहत कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को मूल वेतन का 60 प्रतिशत तुरंत प्रदान किया जाएगा।

न्यूनतम पेंशन की गारंटी

यूपीएस में न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी आर्थिक सुरक्षा प्रदान की गई है। ऐसे कर्मचारियों को 10,000 रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन सुनिश्चित करने का प्रावधान रखा गया है, जिससे रिटायरमेंट के बाद उनकी आजीविका सुचारू रूप से चल सके।

कर्मचारियों के लिए विकल्प

यूपीएस लागू होने के बाद अब सरकारी कर्मचारियों के पास एनपीएस और यूपीएस में से किसी एक योजना को चुनने का विकल्प होगा। इससे कर्मचारी अपनी भविष्य की वित्तीय जरूरतों और सुविधाओं के अनुसार बेहतर योजना का चुनाव कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें 👉  मुख्यमंत्री धामी ने की ‘पर्वतीय विमानन नीति’ की मांग, कहा– हेली सेवाएं बन चुकी हैं जीवन रेखा

पारिवारिक सुरक्षा की व्यवस्था

यूपीएस में कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का भी प्रावधान किया गया है। यदि कर्मचारी की सेवा के दौरान मृत्यु हो जाती है, तो पारिवारिक पेंशन के रूप में उनके परिवार को वेतन का 60 प्रतिशत तुरंत दिया जाएगा।

उद्देश्य और लाभ

यूपीएस का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता प्रदान करना है। इसके साथ ही, पारिवारिक पेंशन की व्यवस्था से परिवार को भी राहत मिलेगी। यह योजना कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और भविष्य की अनिश्चितताओं को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement