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हल्द्वानी में रिंग रोड निर्माण को मिली मंजूरी, 4280 पेड़ काटे जाएंगे, 101 मकान आएंगे जद में

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हल्द्वानी: शहर को ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बहुप्रतीक्षित रिंग रोड परियोजना को आखिरकार हरी झंडी मिल गई है। लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) द्वारा तैयार किए गए रिंग रोड निर्माण प्रस्ताव को स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के तहत 4280 पेड़ों की कटाई की जाएगी, जबकि 101 मकान भी सड़क निर्माण की जद में आएंगे।

रिंग रोड की कुल लंबाई 18.795 किमी होगी, जिसमें से 13.780 किमी मार्ग वन भूमि से होकर गुजरेगा। इसके लिए 34.45 हेक्टेयर वन भूमि को काटा जाएगा। साथ ही 0.265 हेक्टेयर कृषि भूमि का भी उपयोग होगा। पेड़ों में सागौन, शीशम, यूकेलिप्टस और कंजू जैसी प्रजातियां शामिल हैं।

लोनिवि के अधिशासी अभियंता प्रत्यूष कुमार ने बताया कि नए प्रस्ताव को शासन के पास भेजा जाएगा और स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। वन भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया के पूरा होते ही दशकों पुराने पेड़ों की कटाई शुरू होगी।

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रिंग रोड का निर्माण कालाढूंगी रोड स्थित भाखड़ा पुल से शुरू होकर बेलबाबा, रामपुर रोड तक पहुंचेगा। इसका मार्ग ईसाई नगर दो, शिवलालपुर, भरतपुर नंबर एक, कमलुवागांजा मल्ला, उदयलालपुर, हिम्मतपुर बैजनाथ, पांडे नवाड, पूरनपुर, आंनदपुर, चांदनी चौक और हरिपुर जमनसिंह जैसे क्षेत्रों से होकर गुजरेगा।

गौरतलब है कि 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने हल्द्वानी में रिंग रोड निर्माण की घोषणा की थी, लेकिन किसानों के विरोध और वन भूमि से जुड़ी तकनीकी बाधाओं के चलते यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब लोनिवि ने नया रूट निर्धारित कर प्रस्ताव फाइनल कर दिया है।

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शहर में तेजी से बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के चलते ट्रैफिक जाम विकराल रूप लेता जा रहा है। रिंग रोड के निर्माण से न केवल शहर के अंदरूनी हिस्सों से यातायात दबाव कम होगा, बल्कि ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरने वाला बाहरी यातायात भी सुगम होगा।

प्रशासन के अनुसार प्रभावित परिवारों को विस्थापन से पहले मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी। स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों के बीच इस परियोजना को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि जनप्रतिनिधियों की मंजूरी के बाद अब शासन की स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू होने की संभावना है।

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