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नई दिल्ली

अल्मोड़ा: क्वारब में एनएच पर दोहरी मुसीबत : पहाड़ी दरकने के बाद अब सड़क धंसने से यातायात बाधित, प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था कर वाहनों को निकाला

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अल्मोड़ा। क्वारब के पास अल्मोड़ा-हल्द्वानी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) पर अब दोहरी मुसीबत ने दस्तक दे दी है। पहले से ही पहाड़ी दरकने से आए दिन मलबा सड़क पर गिर रहा था, जिससे आवाजाही में दिक्कत हो रही थी। अब सड़क के नीचे का हिस्सा भी दरकने लगा है। शनिवार रात से रविवार दोपहर तक यहां वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से ठप रही। प्रशासन ने तत्कालीन राहत के तौर पर वैकल्पिक व्यवस्था बनाई और फिलहाल वाहनों का संचालन शुरू करवा दिया है, लेकिन यहां खतरा और बढ़ गया है।

शनिवार रात करीब आठ बजे सड़क का एक बड़ा हिस्सा दरक गया। इससे यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और पहाड़ से तराई व तराई से पहाड़ जाने वाले यात्री तथा मालवाहक वाहन सड़क के दोनों ओर फंसे रह गए। सैकड़ों लोग रातभर सड़क खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिली। रात को प्रशासन ने करीब 60 से 70 छोटे वाहनों को वैकल्पिक रास्ते से निकालकर राहत दी, लेकिन भारी मालवाहक वाहन रातभर फंसे रहे।

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एनएच के जूनियर इंजीनियर जगदीश पपने ने बताया कि रात 8:22 बजे सड़क के धंसने की सूचना मिली। इसके बाद जेसीबी मशीन लगाकर पहाड़ की बैक कटिंग की गई और छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ता तैयार किया गया। इससे कुछ वाहन निकल पाए, लेकिन भारी वाहनों को सुबह तक इंतजार करना पड़ा।

रविवार सुबह तक भूखे-प्यासे वाहन चालकों ने बड़ी मुश्किल से गुजारा किया। ट्रक चालक जगदीश सिंह ने बताया कि वे रात 8 बजे से फंसे हुए थे और 16 घंटे तक आगे बढ़ने की अनुमति नहीं मिली। माल स्वामी भी बार-बार दबाव बना रहे थे, लेकिन सड़क धंसी होने से कुछ नहीं हो पाया।

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ढाई मीटर ही बची सड़क, खतरा बरकरार
सड़क का एक हिस्सा दरकने से अब सड़क की चौड़ाई सिर्फ ढाई मीटर ही बची है। ऐसे में भारी वाहनों का संचालन खतरे से खाली नहीं है। एनएच के सहायक अभियंता जीसी पांडे ने बताया कि सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण आवाजाही रोकनी पड़ी। रविवार सुबह एक मीटर पहाड़ काटकर रास्ता चौड़ा किया गया, जिससे साढ़े तीन मीटर चौड़ी सड़क बन पाई। हालांकि, खतरा अब भी बना हुआ है और जल्द समाधान की जरूरत है।

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