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हरिद्वार

गंगनहर और नंदाकिनी नदी में दो दर्दनाक हादसे, पिता सहित तीन लोग लापता, सैनिक की बचाते समय मौत

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रुड़की/गोपेश्वर। उत्तराखंड में बुधवार का दिन जल दुर्घटनाओं के लिहाज़ से बेहद दुखद रहा। रुड़की के कलियर-धनौरी मार्ग पर गंगनहर में पिता, बेटा और बेटी डूब गए, जबकि गोपेश्वर में नंदाकिनी नदी में एक युवक को बचाते हुए सेना के जवान ने अपनी जान गंवा दी।

यूपी के रामपुर सिविल लाइंस निवासी मेहंदी हसन (40), जो मुरादाबाद के एक होटल में तंदूर कारीगर के रूप में कार्यरत थे, मंगलवार को अपने परिवार के साथ कलियर घूमने आए थे। बुधवार दोपहर वह अपने बेटे तौफिक (15), बेटी तुबा (10) और अन्य परिजनों के साथ धनौरी के बावन दर्रे पर गए। वापसी में गंगनहर की पटरी पर विश्राम करते समय तौफिक गंगनहर में फिसलकर गिर पड़ा। उसे बचाने के प्रयास में मेहंदी हसन ने बेटी को सीढ़ियों पर बैठाकर गंगनहर में छलांग लगाई, लेकिन इसी दौरान तुबा भी पानी में गिर गई।

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परिजनों और स्थानीय लोगों ने बचाव का प्रयास किया, मगर तीनों पानी की तेज धार में बह गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर शाम तक कोई सफलता नहीं मिल सकी थी। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि लापता तीनों की तलाश जारी है।

गोपेश्वर: दूसरी ओर, चमोली जिले के कुमजुग गांव निवासी और गढ़वाल राइफल में तैनात सैनिक सुनील रावत की नंदाकिनी नदी में डूबने से मौत हो गई। सुनील छुट्टी पर घर आए थे और बुधवार को दोस्तों के साथ पुनेरा गदेरे और नंदाकिनी नदी के संगम पर नहाने गए थे। इस दौरान एक युवक गहरे पानी में डूबने लगा। सुनील ने बिना देर किए नदी में छलांग लगाकर उसे बचा लिया, लेकिन खुद गहरे पानी में फंसकर डूब गए।

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सूचना पर पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सुनील अविवाहित थे। उनके निधन से गांव में शोक की लहर है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों घटनाओं ने जनपदों में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

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