Connect with us

उधमसिंह नगर

रुद्रपुर में बनेगा प्रदेश का पहला कचरा कैफे, कचरे के बदले मिलेगा भोजन व अन्य सामान

Published

on

खबर शेयर करें 👉

रुद्रपुर। ऊधमसिंह नगर जिले में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम एक नई पहल करने जा रहा है। जिले का पहला कचरा कैफे जल्द ही रुद्रपुर में शुरू किया जाएगा, जहां लोग घरों से निकला कचरा देकर बदले में भोजन, किराने का सामान या अन्य खानपान का सामान ले सकेंगे। इस योजना से शहर को स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ कचरा प्रबंधन में जनता की भागीदारी को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

कैसे काम करेगा कचरा कैफे?
नगर निगम रुद्रपुर के 40 वार्डों में कचरा कैफे खोलने की तैयारी कर रहा है। मेयर विकास शर्मा ने बताया कि इस पहल से लोग कचरा इधर-उधर फेंकने की बजाय कैफे में जमा करेंगे। घरों से निकले प्लास्टिक, कागज, इलेक्ट्रॉनिक कचरा व अन्य पुनर्चक्रण योग्य कचरे को नगर निगम की ओर से तय बाजार दर के अनुसार लिया जाएगा। इसके बदले नागरिकों को कैफे से भोजन, किराना, अन्य खानपान का सामान या नकद भुगतान भी किया जाएगा।

यह भी पढ़ें 👉  देर रात तक जागना: सेहत के लिए खतरनाक

स्वयं सहायता समूह को मिलेगा रोजगार
कचरा कैफे के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को सौंपी जाएगी। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे और उनकी आमदनी में इजाफा होगा।

स्वच्छता के साथ सामाजिक जागरूकता
मेयर विकास शर्मा ने कहा कि रुद्रपुर प्रदेश के औद्योगिक केंद्र के रूप में प्रसिद्ध है, लेकिन यहां घरों से निकलने वाले जैविक-अजैविक कचरे के उचित निस्तारण में हमेशा चुनौती रही है। इस योजना से जनता को स्वच्छता के लिए प्रेरित करने के साथ-साथ कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा मिलेगा। कचरा कैफे से जरूरतमंद लोग भी लाभान्वित होंगे क्योंकि उन्हें कचरे के बदले भोजन मिल सकेगा।

यह भी पढ़ें 👉  रुदपुर में जज के पेशकार को उसकी ही बीबी ने पीटा, हाथ तोड़ा

कचरा कैफे से स्वच्छता अभियान को मिलेगा बल
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से लोग कचरे को इधर-उधर फेंकना बंद करेंगे, जिससे गलियां और सड़कें स्वच्छ रहेंगी। नगर निगम की इस अभिनव योजना से शहर में स्वच्छता का स्तर सुधारने में मदद मिलेगी और लोग कचरा प्रबंधन के महत्व को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।

इस तरह, रुद्रपुर में शुरू होने जा रहा कचरा कैफे स्वच्छता के साथ सामाजिक उत्थान में भी सहायक सिद्ध होगा, जिससे अन्य शहरों के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बनेगा।

Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Select Language

Advertisement