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उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2025: चुनाव खर्च सीमा में बढ़ोतरी, निर्वाचन आयोग रखेगा सख्त नजर

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देहरादून। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों के चुनाव खर्च की सीमा तय कर दी है। इस नए निर्णय के तहत ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य के लिए खर्च की अधिकतम सीमा में इजाफा किया गया है। निर्वाचन आयोग की इस पहल से चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए सख्त दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।

चुनाव खर्च की तय सीमा
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार 75 हजार रुपये से अधिक खर्च नहीं कर सकेंगे। इससे पहले इस पद के लिए खर्च सीमा 50 हजार रुपये थी।
इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार के लिए खर्च सीमा 75 हजार रुपये निर्धारित की गई है, जो पहले 50 हजार रुपये थी।
जिला पंचायत सदस्य के लिए चुनाव खर्च की अधिकतम सीमा एक लाख 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है।

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चुनाव आयोग रखेगा विशेष निगरानी
चुनाव खर्च पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए आयोग ने विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति करने की योजना बनाई है। निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रत्याशियों के खर्च पर बारीकी से नजर रखी जाएगी ताकि चुनाव में पारदर्शिता बनी रहे।

चुनाव प्रक्रिया की रूपरेखा
जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन, जांच, नाम वापसी, प्रतीक चिन्ह आवंटन समेत अन्य औपचारिकताएं जिला मुख्यालय में की जाएंगी, जबकि मतगणना ब्लॉक मुख्यालय में होगी। अंतिम परिणाम की घोषणा जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिला मुख्यालय से की जाएगी।

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ग्राम पंचायत सदस्य, प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के चुनाव से संबंधित सभी प्रक्रियाएं ब्लॉक मुख्यालय में ही होंगी।

पारदर्शी चुनाव की तैयारी
इस नए निर्णय के साथ राज्य निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि चुनाव में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उम्मीदवारों के खर्च पर निगरानी सख्त होगी। आयोग का मानना है कि इससे उम्मीदवार अधिक खर्च करने से बचेंगे और चुनाव प्रक्रिया में समान अवसर मिल सकेगा।

इस तरह आयोग ने न केवल खर्च सीमा बढ़ाकर प्रत्याशियों को राहत दी है बल्कि चुनाव प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रभावी उपाय भी किए हैं, ताकि इस बार के पंचायत चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी रूप से संपन्न हो सकें।

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