अल्मोड़ा/बागेश्वर/चंपावत/पिथौरागढ़
बराबरी पर फंसा फैसला, पर्ची ने तय की ग्राम प्रधान की किस्मत: कल्पना बिष्ट और आशा देवी बनीं मुखिया
अल्मोड़ा/पिथौरागढ़। उत्तराखंड पंचायत चुनाव में कई रोचक घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प मामला अल्मोड़ा जिले के हवालबाग ब्लॉक की गढ़वाली ग्राम पंचायत और पिथौरागढ़ जिले के मुनस्यारी विकासखंड की कोटा ग्राम पंचायत में देखने को मिला, जहां ग्राम प्रधान पद के लिए दोनों प्रत्याशियों को समान मत मिलने के कारण चुनाव परिणाम का निर्णय पर्ची के जरिए लिया गया।
गढ़वाली ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान पद के लिए कल्पना बिष्ट और गीता भट्ट आमने-सामने थीं। मतगणना के दौरान दोनों को 152-152 मत मिले। कुल 311 वोट डाले गए थे, जिनमें से सात मतपत्र निरस्त घोषित हुए। इस बराबरी की स्थिति में निर्वाचन अधिकारियों ने नियम के अनुसार लॉटरी (पर्ची) से विजेता तय करने का निर्णय लिया। किस्मत ने साथ दिया और कल्पना बिष्ट के नाम की पर्ची निकलने से उन्हें ग्राम प्रधान घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि वे गांव के विकास को प्राथमिकता देंगी, जबकि गीता भट्ट ने इसे अपनी किस्मत की हार बताया।
इसी तरह कोटा ग्राम पंचायत (मुनस्यारी) में भी प्रधान पद के लिए आशा देवी और ऊषा देवी को 136-136 मत प्राप्त हुए। यहां भी निर्णय पर्ची से लिया गया। दोनों प्रत्याशियों की सहमति से निर्वाचन अधिकारी दिगंबर आर्या ने मतदान कर्मियों, अभिकर्ताओं और प्रत्याशियों की मौजूदगी में पर्ची डाली। आशा देवी के नाम की पर्ची निकलने पर उन्हें ग्राम प्रधान घोषित किया गया।
इन दोनों घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी लोकतंत्र में किस्मत भी बड़ी भूमिका निभाती है, और जनता का फैसला अंततः पर्ची से तय होता है।
