हल्द्वानी
हल्द्वानी में संदिग्ध मौत से हड़कंप: बर्फ विक्रेता सड़क किनारे मृत; भीमताल में टैक्सी चालक ने दी जान!
हल्द्वानी में दीपावली के दिन बर्फ विक्रेता दिनेश सिंह की संदिग्ध हालत में मौत। पुलिस कर रही जाँच। वहीं, भीमताल के गरुड़ताल में टैक्सी चालक का शव पेड़ से लटका मिला, पारिवारिक तनाव कारण।
हल्द्वानी। उत्तराखंड के हल्द्वानी और भीमताल क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं से सनसनी फैल गई है। हल्द्वानी में दीपावली के दिन एक बर्फ की सिल्ली बेचने वाले युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि भीमताल में एक टैक्सी चालक का शव पेड़ से लटका मिला, जिसके पीछे पारिवारिक तनाव को कारण बताया जा रहा है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और आगे की जाँच जारी है।
हल्द्वानी में सड़क किनारे मृत मिला युवक
जीतपुर नेगी निवासी 30 वर्षीय दिनेश सिंह हल्द्वानी के जेल रोड, जीजीआईसी के पास बर्फ की सिल्ली और गन्ना बेचते थे। सोमवार, दीपावली के दिन भी वह अपनी दुकान लगाकर बैठे थे। शाम करीब चार बजे, आसपास के व्यापारियों ने उन्हें सड़क किनारे बेहोशी की हालत में पड़े देखा। तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। हीरानगर चौकी प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम उन्हें एसटीएच ले गई, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कोतवाल अमरचंद शर्मा ने बताया कि युवक के शरीर पर किसी भी प्रकार के चोट के निशान नहीं हैं। मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ही होगा। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जाँच कर रही है। मृतक दिनेश अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। (स्रोत: हल्द्वानी पुलिस)।
भीमताल में टैक्सी चालक ने की आत्महत्या
वहीं, भीमताल के गरुड़ताल क्षेत्र में सोमवार रात एक टैक्सी चालक ने आत्महत्या कर ली। मंगलवार सुबह स्थानीय लोगों ने 35 वर्षीय सुरेश राम पुत्र जगदीश राम निवासी क्वारब का शव सड़क किनारे एक पेड़ से लटका देखा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
थानाध्यक्ष संजीत राठौड़ ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया था। परिजनों से पूछताछ में पता चला है कि मृतक सुरेश राम पिछले कुछ समय से पारिवारिक तनाव से जूझ रहे थे, जिसे उनकी आत्महत्या का कारण माना जा रहा है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है। यह घटना दर्शाती है कि मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को गंभीरता से लेना कितना आवश्यक है।
