हल्द्वानी
हल्द्वानी: 918 ग्राम चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज; पुलिस ने स्कूटी की सीज
नैनीताल पुलिस और SOG टीम को नशे के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है। बनभूलपुरा से 918 ग्राम अवैध चरस के साथ योगेश सिंह बोरा नामक युवक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तस्कर की स्कूटी भी सीज कर दी है।
हल्द्वानी। जनपद नैनीताल में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष और सघन अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसओजी (SOG) और बनभूलपुरा पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार, 25 नवंबर 2025 को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए 918 ग्राम अवैध चरस के साथ एक युवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की स्कूटी को भी सीज कर दिया है। पुलिस की इस कार्रवाई ने नशे के सौदागरों को साफ संदेश दिया है कि उनके अवैध कारोबार को बख्शा नहीं जाएगा।
एसएसपी के निर्देश पर चला विशेष चेकिंग अभियान
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल, डॉ. मंजूनाथ टी.सी.सी. के सख्त निर्देशन में जिले भर में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक नगर हल्द्वानी और क्षेत्राधिकारी हल्द्वानी के पर्यवेक्षण में बनभूलपुरा थाना प्रभारी सुशील जोशी और एसओजी प्रभारी राजेश जोशी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी, जिसने इस कार्रवाई को सफलता पूर्वक अंजाम दिया।
गोला बाईपास रोड से हुई गिरफ्तारी
गठित टीम ने दिनांक 25 नवंबर को गोला बाईपास रोड स्थित यात्री शेड के पास अपनी चेकिंग शुरू की। इसी दौरान पुलिस ने स्कूटी संख्या UK04 AR 6927 से गुजर रहे एक युवक को रोका। तलाशी लेने पर उसके पास से 918 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई। आरोपी की पहचान योगेश सिंह बोरा (25 वर्ष) पुत्र बहादुर सिंह बोरा, निवासी ग्राम सुनकोट, थाना मुक्तेश्वर, जनपद नैनीताल के रूप में हुई है। चरस बरामद होने के बाद पुलिस ने तत्काल स्कूटी सीज कर दी है।
NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज, आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा
गिरफ्तार अभियुक्त योगेश सिंह बोरा के खिलाफ थाना बनभूलपुरा में NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सबस्टेंस एक्ट) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश करने की तैयारी कर रही है। इसके साथ ही, पुलिस टीम उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किसी बड़े अंतर्राज्यीय चरस तस्करी रैकेट का हिस्सा तो नहीं है।
