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नैनीताल

भीमताल में गुलदार का आतंक: 3 महिलाओं की जान लेने वाले 2 गुलदार पिंजरे में कैद

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नैनीताल के भीमताल और धारी ब्लॉक में दहशत फैलाने वाले दो गुलदार पकड़े गए। 15 दिनों में 3 महिलाओं की मौत के बाद वन विभाग की बड़ी कार्रवाई। जानें डीएनए जांच की अपडेट।

नैनीताल। जिले के भीमताल विधानसभा क्षेत्र में बीते एक महीने से खौफ का पर्याय बने गुलदारों को पकड़ने में वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है। अलग-अलग प्रभावित इलाकों में लगाए गए पिंजरों में दो गुलदारों को कैद किया गया है। हालांकि, विभाग अभी इस बात की पुष्टि करने में जुटा है कि क्या ये वही आदमखोर हैं जिन्होंने हाल के दिनों में तीन महिलाओं की जान ली है।
भीमताल और धारी ब्लॉक में पिछले 15 दिनों के भीतर गुलदार के हमलों में तीन महिलाओं की दर्दनाक मौत हो चुकी है। पहली घटना 26 दिसंबर को धारी के दीनी तल्ली में हुई, जहां हेमा बरगली को गुलदार ने मार डाला। इसके बाद 30 दिसंबर को खन्स्यू और 11 जनवरी को धारी ब्लॉक में फिर से महिलाओं को शिकार बनाया गया। इन घटनाओं से पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश और डर का माहौल बना हुआ है।
एसडीओ ममता चंद ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए इलाके में 10 से अधिक पिंजरे और 50 कैमरा ट्रैप लगाए गए थे। बुधवार को एक गुलदार तल्ली दीनी के पास लगे पिंजरे में फंसा, जबकि दूसरा मवेशियों पर हमले वाले क्षेत्र से पकड़ा गया। पकड़े गए दोनों गुलदारों को फिलहाल रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है, जहां उनकी सघन निगरानी की जाएगी।
वन विभाग अब इन गुलदारों के सैंपल लेकर मृत महिलाओं के डीएनए (DNA) से मिलान कराएगा। यह वैज्ञानिक प्रक्रिया यह स्पष्ट करेगी कि क्या यही गुलदार उन जानलेवा हमलों के लिए जिम्मेदार थे। जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक विभाग इन गुलदारों को आदमखोर घोषित करने में सावधानी बरत रहा है।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अभी भी जंगलों की ओर अकेले न जाएं। संवेदनशील क्षेत्रों में वन विभाग की टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। एसडीओ ममता चंद ने स्पष्ट किया कि जब तक क्षेत्र से खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। ग्रामीणों को भरोसा दिलाया गया है कि उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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