देहरादून
10 हजार की रिश्वत लेते लोनिवि का अमीन गिरफ्तार
उत्तरकाशी में विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई। लोनिवि भटवाड़ी के अमीन टीकाराम को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। भूमि मुआवजे के बदले मांगी थी घूस।
देहरादून। उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस विभाग ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार को उत्तरकाशी जिले में विजिलेंस की टीम ने कार्रवाई करते हुए लोनिवि भटवाड़ी के अमीन टीकाराम को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। अमीन ने यह रिश्वत एक ग्रामीण से उसकी जमीन के मुआवजे का चेक जारी करने के एवज में मांगी थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए उसकी जमीन अधिग्रहीत की गई थी। इसके बदले उसे लगभग दो लाख रुपये का मुआवजा मिलना था। पिछले दो सालों से मुआवजे की फाइल दफ्तरों के चक्कर काट रही थी। जब मुआवजे की रकम मंजूर हुई, तो अमीन टीकाराम ने भुगतान के बदले अड़ंगा लगा दिया। आरोपी ने चेक देने के लिए पहले 20 हजार रुपये की मांग की थी।
पीड़ित की शिकायत पर विजिलेंस ने जाल बिछाया और मामले की तस्दीक की। सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ। गुरुवार को जैसे ही पीड़ित ने अमीन को रिश्वत की रकम थमाई, पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी अमीन लंबे समय से पीड़ित को परेशान कर रहा था। सरकारी कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भी जारी रहेंगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर पर सूचित करें।
इस कार्रवाई से लोनिवि और अन्य सरकारी विभागों के भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ का माहौल है। विजिलेंस अब अमीन के पिछले रिकॉर्ड और संपत्तियों की भी जांच कर रही है। पीड़ित ग्रामीण ने अपनी रुकी हुई रकम मिलने की उम्मीद जताते हुए विजिलेंस टीम का आभार व्यक्त किया है।
