देहरादून
देहरादून में केतन अग्रवाल जैसा कांड: प्रताड़ना से तंग आकर ड्राइवर ने किया सुसाइड, गर्लफ्रेंड और उसके प्रेमी पर केस दर्ज
देहरादून में कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर के ड्राइवर पुष्पेंद्र कुमार ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। गर्लफ्रेंड अंजीना सलाम और उसके प्रेमी अलकेश पर केस दर्ज।
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से मानसिक उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पुणे के बहुचर्चित केतन अग्रवाल कांड की तरह ही एक युवक को उसकी प्रेमिका और उसके दूसरे प्रेमी द्वारा मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। मृतक की पहचान मूल रूप से मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) के रहने वाले 32 वर्षीय पुष्पेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो देहरादून में कृषि विभाग के एक बड़े अधिकारी के ड्राइवर थे।
यह दुखद घटना बीती 16 जून 2026 की है, जब पुष्पेंद्र का शव शास्त्रीनगर स्थित उनके किराए के कमरे में फंदे से लटकता हुआ मिला था। मृतक के भाई आशीष कुमार की लिखित शिकायत के बाद देहरादून की बसंत विहार थाना पुलिस ने 22 जून की रात को मध्य प्रदेश निवासी आरोपी युवती अंजीना सलाम उर्फ अंजू और उसके दूसरे प्रेमी अलकेश कावडे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, पुष्पेंद्र का मध्य प्रदेश (बैतूल) की रहने वाली अंजीना सलाम से प्रेम प्रसंग चल रहा था। मई के अंत में वह देहरादून आकर पुष्पेंद्र के साथ भी रुकी थी। आरोप है कि मध्य प्रदेश वापस लौटने के बाद अंजीना और उसके प्रेमी अलकेश कावडे ने पुष्पेंद्र को फोन पर लगातार प्रताड़ित करना और जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया। इसी असहनीय मानसिक टॉर्चर और ब्लैकमेलिंग से तंग आकर पुष्पेंद्र ने अपने कमरे में सुसाइड कर लिया।
मृतक के भाई आशीष ने पुष्पेंद्र के रूम पार्टनर और दोस्त सुजित पर भी इस पूरी साजिश में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें पुष्पेंद्र ने अपने साथ हुए पूरे घटनाक्रम और प्रताड़ना का जिक्र किया है। इस लिखित नोट को पुलिस ने कब्जे में लेकर हैंडराइटिंग के मिलान के लिए फॉरेंसिक लैब (FSL) जांच के लिए भेज दिया है।
निष्कर्ष के तौर पर, पुलिस ने दोनों मुख्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत प्रभावी मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच संभाल रहे एसआई सुनील नेगी अब मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और फॉरेंसिक रिपोर्ट जैसे डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रहे हैं।
