देहरादून
देहरादून में सुनील राठी गैंग के दो शूटर गिरफ्तार: बड़ी वारदात की साजिश नाकाम
देहरादून में एसटीएफ और दून पुलिस ने कुख्यात सुनील राठी गैंग के दो शार्पशूटरों को गिरफ्तार किया है। रंगदारी वसूलने जा रहे बदमाशों से पिस्टल और कारतूस बरामद।
देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ और देहरादून पुलिस ने राजधानी में एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे कुख्यात सुनील राठी गैंग के दो शार्पशूटरों को दबोच लिया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से पुलिस ने दो अवैध पिस्टल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। ये बदमाश देहरादून के एक प्रॉपर्टी डीलर से रंगदारी वसूलने और विवादित जमीन के सौदे को लेकर किसी बड़ी घटना को अंजाम देने जा रहे थे।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के मुताबिक, पौड़ी जेल में बंद कुख्यात अपराधी सुनील राठी जेल की सलाखों के पीछे से ही देहरादून में रंगदारी और हत्या की खौफनाक साजिश रच रहा था। गुरुवार रात सटीक सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने घेराबंदी की। आरोपित एक काली स्कॉर्पियो-एन गाड़ी में सवार होकर सहस्रधारा रोड की ओर जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान भानु चौधरी (निवासी सहारनपुर, यूपी) और पारस (निवासी मुजफ्फरनगर, यूपी) के रूप में हुई है।
पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पारस पहले कुख्यात संजीव जीवा गैंग का सक्रिय सदस्य रह चुका है। लखनऊ कोर्ट में जीवा की हत्या के बाद वह सुनील राठी के संपर्क में आया और उसके गैंग के लिए काम करने लगा। देहरादून पुलिस और एसटीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई ने शहर में होने वाली एक संभावित गैंगवार और हत्या की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है।
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि सुनील राठी अपने गुर्गों के जरिए प्रॉपर्टी डीलरों और व्यापारियों को डराकर अवैध वसूली का नेटवर्क चलाने की कोशिश कर रहा है। पुलिस अब इस मामले में जेल के भीतर से हो रहे संपर्कों और मददगारों की भी जांच कर रही है। आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। सुनील राठी गैंग के खिलाफ इस कार्रवाई से राजधानी के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।
