उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में कमर्शियल LPG सप्लाई बंद, लागू हुआ ESMA; जानें गैस संकट की पूरी वजह
पश्चिम एशिया तनाव के बीच उत्तराखंड में कमर्शियल गैस सप्लाई पर रोक। सरकार ने कालाबाजारी रोकने के लिए लागू किया ESMA। जानें घरेलू उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर।
देहरादून/नैनीताल: पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध के तनाव और वैश्विक अस्थिरता का सीधा असर अब उत्तराखंड की रसोई और कारोबार पर पड़ने लगा है। राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाते हुए कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों (Commercial LPG) की बुकिंग और आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
पूर्ति विभाग के एडिशनल कमिश्नर पी.एस. पांगती के अनुसार, राज्य में कमर्शियल गैस की पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण यह कड़ा फैसला लिया गया है। वर्तमान में केवल अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों जैसी अति-आवश्यक सेवाओं को ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि युद्ध जैसी परिस्थितियों में आम नागरिक के घर का चूल्हा जलता रहे और जमाखोर इस संकट का फायदा न उठा सकें।
भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का लगभग 85-90% आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा सऊदी अरब और खाड़ी देशों से ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ के रास्ते आता है। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष से इस समुद्री मार्ग के बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। आंकड़ों के मुताबिक, भारत का घरेलू उत्पादन मांग के मुकाबले काफी कम है, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय हलचल का असर सीधा स्थानीय कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ता है।
इस फैसले से प्रदेश के होटल, ढाबा और रेस्टोरेंट कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रेस्टोरेंट एसोसिएशन देहरादून का कहना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो पर्यटन उद्योग को बड़ा झटका लग सकता है। फिलहाल व्यापारी इंडक्शन और पुराने स्टॉक से काम चला रहे हैं, लेकिन आपूर्ति बहाल न होने पर प्रतिष्ठानों को बंद करने की नौबत आ सकती है। प्रशासन ने साफ किया है कि जैसे ही रिफाइनरियों से उत्पादन बढ़ेगा, सप्लाई सामान्य कर दी जाएगी।
