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देहरादून

AIIMS ऋषिकेश में नकल का ‘चप्पल कांड’: छात्र ने सैंडल में छुपाया मोबाइल, चेकिंग के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ा

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एम्स ऋषिकेश में परीक्षा के दौरान एक छात्र द्वारा चप्पल में मोबाइल छुपाकर नकल करने का प्रयास विफल। प्रशासन ने सख्त दंडात्मक कार्रवाई के दिए निर्देश। देखें पूरी खबर।

ऋषिकेश: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) ऋषिकेश से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने चिकित्सा जगत को हैरान कर दिया है। यहाँ एक छात्र परीक्षा केंद्र में प्रवेश करने के लिए सुरक्षा घेरे को धता बताने की कोशिश कर रहा था, लेकिन सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता ने उसके ‘हाई-टेक’ नकल के मंसूबों पर पानी फेर दिया।
कैसे पकड़ा गया छात्र?
घटना के अनुसार, परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार पर जब छात्रों की सघन तलाशी ली जा रही थी, तब एक छात्र की चाल और उसकी चप्पलों (सैंडल) की बनावट पर सुरक्षाकर्मी को संदेह हुआ। जब छात्र की चप्पल उतरवाकर उसकी जांच की गई, तो उसमें बड़ी चालाकी से छुपाया गया एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। चप्पल के सोल को काटकर उसमें मोबाइल रखने के लिए जगह बनाई गई थी, ताकि मेटल डिटेक्टर और सामान्य चेकिंग से बचा जा सके।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एम्स ऋषिकेश के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) ने बताया कि संस्थान परीक्षा की शुचिता को लेकर बेहद गंभीर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो भी छात्र इस तरह के अनैतिक कृत्यों में संलिप्त पाया गया है, उसके खिलाफ एम्स के कड़े नियमों के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। छात्र का भविष्य अब अधर में लटक सकता है, क्योंकि ऐसे मामलों में डिबार (परीक्षा से निष्कासित) करने से लेकर कानूनी कार्रवाई तक का प्रावधान है। सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद लोग तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि जो छात्र डॉक्टर बनने की पहली सीढ़ी पर ही इस तरह की धोखाधड़ी का सहारा ले रहे हैं, उनके हाथों में भविष्य में मरीजों की जान कितनी सुरक्षित होगी? क्या ऐसे ‘डॉक्टरों’ से कोई इलाज कराना चाहेगा?
यह मामला एक बार फिर उन गिरोहों और प्रवृत्तियों की ओर इशारा करता है जो मेडिकल जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में सेंध लगाने की कोशिश करते हैं। एम्स ऋषिकेश ने भविष्य में सुरक्षा जांच को और अधिक आधुनिक और सख्त बनाने की बात कही है।

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