देहरादून
युवाओं में बढ़ रहा कोलन कैंसर का खतरा: एम्स ऋषिकेश में विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
खराब जीवनशैली और फास्टफूड से युवाओं में बढ़ रहे बड़ी आंत के कैंसर (कोलन कैंसर) के मामले। एम्स ऋषिकेश में विशेषज्ञों ने बताए लक्षण और बचाव के उपाय।
ऋषिकेश: बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण अब युवाओं में भी बड़ी आंत का कैंसर (कोलन कैंसर) तेजी से पैर पसार रहा है। एम्स ऋषिकेश के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताई। संस्थान की निदेशक प्रो. (डॉ.) मीनू सिंह ने ओपीडी परिसर में इस विशेष अभियान का शुभारंभ किया।
कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अमित सहरावत ने बताया कि भारत में कोलोरेक्टल कैंसर अब छठे स्थान पर सबसे अधिक होने वाला कैंसर बन गया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष एम्स की ओपीडी में आए 150 मामलों में से बड़ी संख्या 40 वर्ष के आसपास के युवाओं की थी। आमतौर पर यह बीमारी 60 वर्ष की आयु के बाद देखी जाती थी, लेकिन अब बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, फास्टफूड, रेड मीट, शराब और धूम्रपान इस कैंसर के मुख्य कारक हैं। इसके अलावा मोटापा, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता भी बीमारी को बढ़ावा देते हैं। डॉ. सहरावत ने सलाह दी कि नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और अधिक फल-सब्जियों का सेवन करके इस खतरे को कम किया जा सकता है। जिन परिवारों में कैंसर का इतिहास रहा है, उन्हें नियमित स्क्रीनिंग करानी चाहिए।
कोलन कैंसर के शुरुआती लक्षणों में मल त्याग की आदतों में बदलाव, मल में खून आना, पेट में दर्द और अचानक वजन कम होना शामिल है। डॉ. दीपक सुंदरियाल ने बताया कि शहरीकरण और पश्चिमी खानपान के कारण यह बीमारी भारत में तेजी से बढ़ रही है। यदि समय रहते कोलोनोस्कोपी या सीटी स्कैन के जरिए इसकी पहचान हो जाए, तो सर्जरी और कीमोथेरेपी से इसका सफल इलाज संभव है।
