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उत्तर प्रदेश

मुरादाबाद में निपुण भारत मिशन फेल: मंडल में सबसे फिसड्डी रहा जिला, केवल 205 स्कूल ‘निपुण’

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निपुण भारत मिशन के परिणामों में मुरादाबाद जिले का प्रदर्शन बेहद खराब। 1400 में से मात्र 205 स्कूल ही निपुण घोषित। बिजनौर मंडल में टॉप और प्रदेश में छठे स्थान पर।

मुरादाबाद: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘निपुण भारत मिशन’ के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मुरादाबाद जिला बुरी तरह विफल साबित हुआ है। हाल ही में घोषित हुए परिणामों के अनुसार, मुरादाबाद मंडल में मुरादाबाद जिले की स्थिति सबसे चिंताजनक रही है। जिले के कुल 1400 स्कूलों में से मात्र 205 स्कूल ही ‘निपुण’ घोषित हो सके हैं, जिसके बाद शिक्षा विभाग और अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।


बिजनौर मंडल में टॉप, प्रदेश में छठे स्थान पर
एक ओर जहां मुरादाबाद पिछड़ गया है, वहीं मंडल के ही बिजनौर जिले ने शानदार प्रदर्शन किया है। बिजनौर के 813 स्कूल निपुण घोषित हुए हैं, जिसके साथ वह प्रदेश की सूची में छठे नंबर पर और मंडल में पहले स्थान पर रहा है। मंडल के अन्य जिलों की बात करें तो रामपुर के 523, संभल के 497 और अमरोहा के 428 स्कूल निपुण श्रेणी में आए हैं।

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आंकड़ों में मुरादाबाद की स्थिति (फरवरी 2026 आकलन):


75 जिलों की सूची में 63वें पायदान पर मुरादाबाद
फरवरी 2026 में डायट प्रशिक्षुओं द्वारा कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों का ऑनलाइन डेटा फीड किया गया था। 17 मार्च को जारी प्रदेश स्तरीय सूची में कुल 32,480 स्कूल निपुण बने हैं। इस सूची में मुरादाबाद जिला पूरे प्रदेश के 75 जिलों में 63वें नंबर पर रहा है।

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शिक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत एआरपी (ARP), एसआरजी (SRG) और संकुल शिक्षकों की एक बड़ी टीम तैनात होने के बावजूद जिले का प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा। हालांकि, शिक्षकों का तर्क है कि इस बार एसआईआर (SIR) में अत्यधिक व्यस्तता के कारण शिक्षण कार्य प्रभावित हुआ, जिसका असर नतीजों पर दिखा है। अब देखना यह होगा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) इस खराब प्रदर्शन पर क्या कड़ा कदम उठाते हैं।

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