उत्तर प्रदेश
मुरादाबाद: निपुण भारत मिशन में पिछड़ने पर विभाग सख्त, डायट प्राचार्य ने संकुल शिक्षकों के कसे पेंच
मुरादाबाद में निपुण आकलन टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बाद शिक्षा विभाग सख्त। डायट प्राचार्य बौद्धप्रिय सिंह ने संकुल शिक्षकों को दी कड़ी फटकार। जानें सुधार के नए निर्देश।

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में निपुण भारत मिशन के तहत शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। फरवरी माह में आयोजित हुए निपुण आकलन टेस्ट (NAT) में जिले की स्थिति काफी निराशाजनक पाई गई थी। इस खराब प्रदर्शन के बाद विभाग की नींद टूटी है और सुधार की कवायद तेज कर दी गई है। इसी सिलसिले में डायट प्राचार्य ने सभी जिम्मेदार अधिकारियों और शिक्षकों की आपात बैठक बुलाई।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) मुरादाबाद के प्राचार्य बौद्धप्रिय सिंह की अध्यक्षता में कल जनपद के सभी संकुल शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निपुण लक्ष्य प्राप्त करने में आ रही कमियों पर विस्तार से मंथन किया गया। निपुण भारत मिशन के मानकों को पूरा न कर पाने पर प्राचार्य ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बैठक में उपस्थित संकुल शिक्षकों को कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द सुधार लाने के निर्देश दिए।
हैरानी की बात यह है कि जनपद के अधिकांश संकुल शिक्षक अभी तक अपने स्वयं के स्कूलों को भी ‘निपुण’ घोषित नहीं करा सके हैं। राज्य परियोजना कार्यालय ने दो वर्ष पहले ही संकुल शिक्षकों को अपने स्कूलों को आदर्श बनाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद धरातल पर परिणाम उम्मीद के मुताबिक नहीं मिले। सभी शिक्षकों को निपुण शपथ दिलाने के बाद भी लक्ष्य से दूर रहना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
प्राचार्य बौद्धप्रिय सिंह ने स्पष्ट किया कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संकुल शिक्षकों को चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर सुधार नहीं दिखा, तो विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य शिक्षण विधियों में बदलाव करना और बच्चों के सीखने की क्षमता को बढ़ाना है। आने वाले महीनों में होने वाले अगले आकलन के लिए अब माइक्रो-प्लानिंग के तहत काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
