उधमसिंह नगर
नानकमत्ता में पुलिस दबिश के दौरान वृद्धा की मौत: परिजनों का भारी हंगामा, 4 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
ऊधमसिंह नगर के नानकमत्ता में पुलिस दबिश के दौरान 80 वर्षीय वृद्धा की संदिग्ध मौत। कोतवाली गेट पर शव रखकर प्रदर्शन के बाद एसएसपी ने एसआई समेत 4 को किया लाइन हाजिर।
नानकमत्ता/ऊधमसिंह नगर: उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जनपद अंतर्गत नानकमत्ता क्षेत्र में शनिवार को पुलिस दबिश के दौरान एक 80 वर्षीय वृद्धा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कोतवाली के मुख्य गेट पर शव रखकर करीब तीन घंटे तक जोरदार प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने देर शाम दबिश देने वाली टीम के उप-निरीक्षक (SI) सहित चार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है।
घटना शनिवार दोपहर करीब दो बजे की है, जब पुलिस की एक टीम पॉक्सो एक्ट के आरोपी कुलदीप सिंह को गिरफ्तार करने के लिए ग्राम सिद्धा नवदिया पहुंची थी। परिजनों का आरोप है कि दबिश के दौरान पुलिसकर्मियों ने घर में मौजूद महिलाओं और बुजुर्गों के साथ अभद्रता की। इसी गहमागहमी के बीच 80 वर्षीय सुखदेव कौर (पत्नी प्रीतम सिंह) कथित तौर पर धक्का लगने से जमीन पर गिर पड़ीं। परिजन उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिस किशोरी को भगाने का आरोप कुलदीप पर था, उसे वे पहले ही बरामद कर पुलिस के हवाले कर चुके हैं, इसके बावजूद पुलिस ने घर में घुसकर दुर्व्यवहार किया। वृद्धा की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतवाली पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
स्थिति बिगड़ती देख एसओजी इंचार्ज उमेश कुमार और उच्च अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। सीओ ने परिजनों को आश्वासन दिया कि शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया जाएगा और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी होगी। एसएसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी एसपी सिटी को सौंप दी है। फिलहाल क्षेत्र में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात है, लेकिन स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
