उत्तराखण्ड
उत्तराखंड में दायित्वों का पिटारा खुला: ध्रुव रौतेला और सोना सजवाण समेत कई नेताओं को मिले अहम पद
उत्तराखंड की धामी सरकार ने आगामी चुनावों से पहले वरिष्ठ नेताओं को विभिन्न समितियों और आयोगों में अहम जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जानें किसे मिला राज्यमंत्री का दर्जा।
देहरादून: उत्तराखंड में आगामी चुनावों से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने लंबे इंतजार के बाद विभिन्न सलाहकार समितियों, परिषदों और आयोगों में दायित्वों का वितरण कर दिया है। इस सूची में संगठन के प्रति समर्पित कई वरिष्ठ नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। खास बात यह है कि इन नियुक्तियों के साथ ही कई नेताओं को दर्जाधारी राज्यमंत्री का सम्मान भी प्रदान किया गया है।
सरकार द्वारा जारी इस सूची में कुमाऊं और गढ़वाल मंडल के बीच संतुलन बनाने का पूरा प्रयास किया गया है। राजनीतिक गलियारों में इस कदम को आगामी चुनावों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पार्टी ने लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं को साधने के लिए क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा है। इससे न केवल कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि संगठन और सरकार के बीच तालमेल भी बेहतर होगा।
सूची के अनुसार, नैनीताल के वरिष्ठ पत्रकार ध्रुव रौतेला को मीडिया सलाहकार समिति का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वहीं, टिहरी के विनोद सुयाल को युवा कल्याण सलाहकार समिति और सोना सजवाण को जड़ी-बूटी सलाहकार समिति में उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है। चंपावत के मुकेश महराना को चाय विकास और चमोली के प्रेम सिंह राणा को जनजाति आयोग में उपाध्यक्ष बनाया गया है। नियुक्तियों में महिलाओं और पिछड़ा वर्ग का भी विशेष ख्याल रखा गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नामों में कुलदीप सिंह बुटोला को राज्य स्तरीय खेल परिषद का अध्यक्ष और खेम सिंह चौहान को ओबीसी आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। चारु कोठारी को राज्य आंदोलनकारी सम्मान परिषद और हरिप्रिया जोशी को महिला आयोग में उपाध्यक्ष की कमान सौंपी गई है। इसके अलावा गोविंद पिलखवाल को हथकरघा परिषद और बलजीत सोनी को अल्पसंख्यक आयोग में उपाध्यक्ष का दायित्व मिला है।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण नामों की घोषणा संभव है। सरकार का यह मास्टरस्ट्रोक चुनावी बिसात पर कार्यकर्ताओं की फौज को सक्रिय करने के लिए काफी अहम माना जा रहा है। सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी मिलने पर केंद्रीय नेतृत्व और मुख्यमंत्री का आभार जताया है। अब देखना होगा कि ये नई नियुक्तियां आगामी चुनावों में भाजपा के लिए कितनी फलदायी साबित होती हैं।
