नई दिल्ली
महाकुंभ के ‘IIT बाबा’ अभय सिंह ने रचाई शादी, कर्नाटक की इंजीनियर बनीं जीवनसंगिनी
महाकुंभ में चर्चा बटोरने वाले IIT बाबा उर्फ अभय सिंह शादी के बंधन में बंध गए हैं। जानें कौन है उनकी पत्नी प्रतीका और कैसे शुरू हुई इस अनोखे जोड़े की प्रेम कहानी।
नई दिल्ली: महाकुंभ के दौरान अपनी अनोखी जीवनशैली और शिक्षा के कारण ‘IIT वाले बाबा’ के नाम से मशहूर हुए अभय सिंह अब वैवाहिक जीवन की शुरुआत कर चुके हैं। हाल ही में हुए एक बड़े खुलासे में पता चला है कि अभय सिंह ने कर्नाटक की रहने वाली एक इंजीनियर युवती, प्रतीका के साथ शादी कर ली है। शादी के बाद यह जोड़ा पहली बार सार्वजनिक रूप से अपने पैतृक निवास पर देखा गया।
दोनों की शादी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। अभय और प्रतीका ने बीते 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध अघंजर महादेव मंदिर में सात फेरे लिए थे। धार्मिक रीति-रिवाजों के बाद, उन्होंने 19 फरवरी को कानूनी रूप से कोर्ट मैरिज भी संपन्न की। इस शादी का खुलासा तब हुआ जब अभय अपनी पत्नी प्रतीका के साथ अपने पिता, जो कि एक प्रतिष्ठित वकील हैं, के चैंबर में आशीर्वाद लेने पहुंचे।
प्रतीका, जो स्वयं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, ने अपनी मुलाकात के बारे में दिलचस्प जानकारी साझा की। उन्होंने एक साक्षात्कार में बताया कि अभय सिंह से उनकी मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी। प्रतीका के अनुसार, उन्हें अभय का सरल स्वभाव और उनके विचार काफी पसंद आए, जिसके बाद दोनों ने मिलकर जीवन बिताने का फैसला किया। फिलहाल यह जोड़ा अपने सास-ससुर से मिलने के लिए हरियाणा के झज्जर आया हुआ है।
भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए इस नवदंपति ने एक नेक संकल्प साझा किया। अभय और प्रतीका ने बताया कि वे आने वाले समय में एक ‘सनातन यूनिवर्सिटी’ स्थापित करने पर विचार कर रहे हैं। इस विश्वविद्यालय का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ प्राचीन भारतीय मूल्यों और संस्कृति को बढ़ावा देना होगा। बाबा की इस नई पहल और उनकी शादी को लेकर सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हो रही है।
निष्कर्षतः, IIT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से जुड़ने के बाद वैराग्य और अब गृहस्थ जीवन का यह सफर उनके प्रशंसकों के लिए काफी प्रेरक है। अभय सिंह का मानना है कि सनातन धर्म के प्रचार के लिए पारिवारिक जीवन बाधक नहीं बल्कि सहायक हो सकता है। अब देखना यह होगा कि उनकी ‘सनातन यूनिवर्सिटी’ का सपना कब तक धरातल पर उतरता है।
