देहरादून
पेट्रोल-डीजल बचाएं: मंत्री गणेश जोशी ने सरकारी गाड़ी छोड़ स्कूटी से किया सफर
देहरादून: वैश्विक संकट के बीच कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दी ईंधन बचत की सलाह। खुद सरकारी वाहन छोड़ स्कूटी से कैंप कार्यालय पहुँचकर सादगी और आत्मनिर्भरता का दिया संदेश।
देहरादून: पश्चिमी एशिया में जारी युद्ध और अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों के बीच उत्तराखंड के कृषि एवं सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने संसाधनों की बचत का एक बड़ा संदेश दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के आह्वान पर अमल करते हुए, मंत्री गणेश जोशी सोमवार को अपने सरकारी वाहन का त्याग कर स्कूटी से अपने कैंप कार्यालय पहुंचे।
देहरादून के गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक कार्यक्रम में शिरकत करने के बाद मंत्री जोशी ने सुरक्षा और तामझाम के बजाय दोपहिया वाहन (स्कूटी) को चुना। उन्होंने कहा कि वर्तमान वैश्विक हालातों को देखते हुए प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह पेट्रोल और डीजल जैसे सीमित संसाधनों का संयमित उपयोग करे। मंत्री के इस सादगी भरे अंदाज की स्थानीय जनता और सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है।
प्रदेशवासियों से अपील करते हुए गणेश जोशी ने कहा कि छोटी दूरी तय करने के लिए हमें यथासंभव दोपहिया वाहनों, सार्वजनिक परिवहन या साझा वाहनों (Car Pooling) का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, “ईंधन की बचत न केवल आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए भी अनिवार्य है।”
मंत्री ने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी स्थानीय कार्यक्रमों और कम दूरी के दौरों के लिए अधिकतम दोपहिया वाहन का ही उपयोग करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का संदेश केवल आर्थिक बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश को कठिन समय के लिए तैयार करने और पर्यावरण को स्वच्छ रखने का एक महाभियान है।
