देहरादून
देहरादून में खौफनाक वारदात: सॉफ्टवेयर इंजीनियर को अगवा कर लूटा, फिर पुल से नीचे फेंका
देहरादून के IT पार्क से लौट रहे सॉफ्टवेयर इंजीनियर का अपहरण और लूट। बदमाशों ने जामुनवाला पुल से नदी में फेंका। रीढ़ की हड्डी टूटी, रातभर पत्थरों के बीच तड़पता रहा युवक।
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए बदमाशों ने एक बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। आईटी पार्क स्थित एक कंपनी में कार्यरत 23 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकाश कुमार को बदमाशों ने गुरुवार देर रात सहस्रधारा क्रॉसिंग से अगवा कर लिया। बदमाशों ने न केवल उनके साथ लूटपाट की, बल्कि उन्हें जान से मारने की नीयत से जामुनवाला स्थित पुल से नीचे नदी में फेंक दिया।
घटना रात करीब सवा दो बजे की है जब आकाश अपनी शिफ्ट खत्म कर घर जाने के लिए ऑनलाइन बाइक बुक कर रहे थे। तभी स्कूटर सवार दो बदमाशों ने मोबाइल खोने का बहाना बनाकर उनसे मदद मांगी। जब आकाश ने मदद के लिए मना किया, तो बदमाशों ने उन्हें जबरन स्कूटर पर बैठा लिया। बदमाश उन्हें शहर के पांच थाना क्षेत्रों से होते हुए करीब 10 किलोमीटर दूर जामुनवाला पुल पर ले गए।
वहां बदमाशों ने आकाश पर हमला कर उनका बैग, दो मोबाइल और पर्स लूट लिया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें पुल से नीचे फेंक दिया और ऊपर से पत्थर भी बरसाए ताकि वे जिंदा न बच सकें। इस जानलेवा हमले में आकाश की रीढ़ की हड्डी में गंभीर फ्रैक्चर हो गया। वे पूरी रात असहनीय दर्द के बीच पत्थरों के बीच पड़े रहे और पिलर के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई।
सुबह एक राहगीर की नजर उन पर पड़ी, जिसके बाद सेना के जवानों की मदद से उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला गया। फिलहाल आकाश का उपचार दून अस्पताल में चल रहा है। इस घटना ने शहर की रात्रिकालीन पुलिस गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है, क्योंकि बदमाश पांच थाना क्षेत्रों की सीमाओं को बेखौफ पार करते रहे और पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि जब वे केस दर्ज कराने प्रेमनगर थाने पहुंचे, तो उन्हें वहां से वापस लौटा दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब जांच के आदेश दिए हैं। देहरादून जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहर में एक सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल के साथ हुई इस हैवानियत से स्थानीय निवासियों और आईटी सेक्टर के कर्मचारियों में भारी रोष और डर का माहौल है।
